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शारीरिक विकास के लिए जरूरी अलबेंडाजोल, दूसरा चरण 15 को

5 वर्ष पहले
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स्वास्थ्यविभागकी तरफ से पीपली माजरा स्थित जामिया मिलिया बैतूल उलूम में कृमि नाशक दवा खिलाई गई। विभाग की ओर से स्कूल हेल्प इंचार्ज एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार विद्यार्थियों को दवा खिलाई। नोडल ऑफिसर बुलबुल कटारिया ने विद्यार्थियों को कृमि नाश्क दवा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व में यह गोली खा रखी है और विभाग की टीम अभियान के तहत फिर से दवा दे।

तो इसमें कोई परहेज नहीं। ही इसका कोई दुष्प्रभाव है। दूसरा चरण 15 फरवरी को है इसके बाद अगस्त में फिर से दवा खिलाई जाएगी। उलूम के डायरेक्टर मोहम्मद इलियास ने बताया कि उनके यहां विभिन्न राज्यों से 1350 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ये यूनिवर्सिटी है। जहां पर मुस्लिम समुदाय की 900 लड़कियां 450 लड़के शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास सराहनीय है। स्टूडेंट्स को मस्जिद में एकत्रित कर यह दवा खिलाई गई।

डॉ. सुनील ने बताया कि विभाग की तरफ से समय-समय पर स्कूल कॉलेज में स्टूडेंट्स के एचबी की जांच की जाती है। औसतन 68 प्रतिशत लड़कियां 37 प्रतिशत लड़के अनिमिक (कम खून होना) मिले। 40 प्रतिशत ऐसे विद्यार्थी मिले, इन्हें खून की कमी पूरा करने के लिए दवा भी खिलाई गई, पर जिन्हें पेट के कीड़े की समस्या थी। उन पर ये दवा कारगर सिद्ध नहीं हुई। इसीलिए यह अभियान चलाने की जरूरत पड़ी। 40 प्रतिशत विद्यार्थी पेट के कीड़ों के कारण कद काठी में छोटे रह जाते हैं। उनका शारीरिक मानसिक विकास भी नहीं हो पाता है। ये दवा इसलिए लेनी भी जरूरी है कि कीड़ों के अंडे खून के रास्ते दिमाग में चले जाते हैं। ऐसे बहुत से मरीज उनसे उपचार ले रहे हैं। इसके अलावा पेट में दर्द, उल्टी दस्त में कीड़े आना भी इस बीमारी के लक्ष्ण है।

75प्रतिशत टारगेट हुआ पूरा: सिविलसर्जन डॉ. विजय गर्ग ने बताया कि जिले में सरकारी स्कूल के एक लाख 4 हजार स्टूडेंट्स हैं। वहीं निजी स्कूल में एक लाख 27 हजार विद्यार्थी हैं। पहली बार निजी स्कूल को इस अभियान में शामिल किया गया है। इन्हें विभाग की तरफ से निशुल्क दवा उपलब्ध करवाई जा रही है। आशा वर्कर एवं एएनएम जहां दवाई की सप्लाई दे रहें हैं। वहीं दवा लिए विद्यार्थियों की रिपोर्ट भी दे रहें।

यमुनानगर| सिविलअस्पताल में डॉ. सुनील कुमार डॉ. बुलबुल ने बताया ने यदि पहले से कृमिनासक दवा ले रखी है, फिर से लेने में कोई परहेज नही है।

यमुनानगर| पीपलीमाजरा स्थित जामिया मिलिया बैतूल उलूम में बनी मस्जिद में कृमिनाशक दवा देते डॉ. सुनील।

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