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सबूत मिटे इसलिए अपने ही घर के कोने में रातभर दुबके रहे दंपती

7 वर्ष पहले
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बेटे से मिलने चले गए थे

ग्रीनपार्ककॉलोनी में बुजुर्ग दंपती के घर चोरी हो गई। इस पर दंपती ने सिटी थाना पुलिस को शिकायत की। मगर पुलिस ने कार्रवाई के बजाए उनको सलाह दी कि सामान को हाथ मत लगाओ, बैठे रहो। सुबह आएंगे फिर देखा जाएगा। पीड़िता ने सर्दी के मौसम में घर के एक कोने में कंबल के सहारे (11 डिग्री टेंपरेचर में ) रात गुजारी। पुलिस सूचना के बाद 16 घंटे बाद पहुंची यानी शुक्रवार सुबह दस बजे। पुलिस के रवैए और चोरी के बाद बुजुर्ग दंपती अपने ही घर में बेगानों की तरह रहा।

ठंडलगी तो एक ही कंबल मिला ओढ़ने को : सरस्वतीशुगर मिल से सेवानिवृत्ति राम सिंह वालिया ने बताया कि शाम छह बजे गुड़गांव से लौटे। घर के ताले खोलकर देखा तो सामान बिखरा पड़ा था। पुलिस को इस बारे में सूचना दी। सूचना पर पुलिस आई तो जरूर लेकिन यह कहकर चली गई कि अभी जांच शुरू नहीं हो सकती सुबह आएंगे फिर जांच शुरू करेंगे। साथ ही बोलकर गए थे कि किसी भी सामान को हाथ नहीं लगाना, सुबह एफएसएल की टीम आएगी और फिंगर प्रिंट लेगी। घर में सबकुछ बिखरा पड़ा था। इसलिए किसी को हाथ भी नहीं लगा सकते थे। रात हुई तो ठंड लगने लगी। इस दौरान घर में रखे कंबल को ले लिया। रात भर घर के एक कौने में कंबल में बैठे रहे।

मधुबन से टीम आई थी इसलिए लगा टाइम

रामपुरापुलिस चौकी प्रभारी भूपेंद्र राणा का कहना है कि सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। सामान को हाथ लगाने के लिए इसलिए बोला था कि एफएसएल की टीम को फिंगर प्रिंट लेने में कोई दिक्कत आए। टीम को मधुबन से आना था। इसीलिए टीम देरी से पहुंची।

यहां पर ऐसा ही रवैया था पुलिस का : पुरानाहमीदा निवासी खुर्शीद के घर डेढ़ माह पहले चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया था। चोरी की घटना के बारे में जब खुर्शीद ने पुलिस को शिकायत दी तो पुलिस का रवैया ऐसा ही था। रात भर परिवार के लोग अपने ही घर में सो नहीं पाए थे। 20 घंटे बाद एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची थी।

किचन की ग्रिल निकाल अंदर आए

चोरघर की मुख्य दीवार फांदकर घर में आए थे। कमरों के अंदर जाने के लिए चोरों ने किचन की ग्रिल को तोड़ा। इसके चोरों ने घर में एक-एक रूम को खंगाला। वालिया का कहना है कि बेटों से मिलकर खुशी मिली थी, लेकिन घर आकर देखा तो काफी देर तो यह भी समझ नहीं आया कि बेटों को इस बारे में बताए या नहीं।

ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी राम