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बच्ची को गोद लेने वाले दर्जनों, लेकिन कानूनी अड़चनों के आगे भावनाएं बेबस

7 वर्ष पहले
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कौनकहता है कि गांव असगरपुर में झाड़ियों से मिली बच्ची अनाथ है। अनाथ तो वे है जिसने उसको मरने के लिए छोड़ दिया था। वह बच गई। अब उसे अपनाने वाले देश के कोने-कोने में बैठे हैं। बच्ची को गोद लेने वालों की कतार लगी हुई है। आठ दिन में अभी तक चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर के पास 15 से ज्यादा लोगों के फोन चुके है जोकि इस बच्ची को अपनाना चाहते है। लेकिन अब बच्ची को गोद लेने के लिए बनाए गए नियम आड़े रहे हैं। कानूनी अड़चने बच्ची को ममता की छाया से दूर रख रही है।

यहांसे आया फोन : चाइल्डप्रोटेक्शन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बच्ची को गोद लेने के लिए उनके पास 15 से ज्यादा लोगों के फोन चुके हैं। कई तो कार्यालय में आकर उनसे संपर्क भी कर रहे हैं। उनके पास शिमला, मुंबई, दिल्ली, यमुनानगर और अन्य शहरों से फोन चुके हैं लेकिन कानूनी प्रक्रिया के बिना हम बच्ची को इस तरह से गोद नहीं दे सकते।

अनफिटहै बच्ची अभी : चाइल्डप्रोटेक्शन आफिसर रीचा बुद्धिराजा का कहना है कि अभी बच्ची अनफिट है। सिविल अस्पताल यमुनानगर में बच्ची का ट्रीटमेंट चल रहा है। हम लगातार मामले पर नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही बच्ची स्वस्थ हो जाती है तो स्वास्थ्य विभाग उन्हें बच्ची को दे देगा और हमारी ओर से बच्ची को स्पेशल अडाप्शन एजेंसी को भेज दी जाएगी।

यह हैं अडाॅप्शन की प्रक्रिया

चाइल्ड प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट के लीगल आफिसर रंजन शर्मा का कहना है कि बच्चे को अडाप्शन के लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया है। बच्ची अभी मेडिकल अनफिट है। जैसे ही डॉक्टर बच्ची को मेडिकल फिट करार दे देते हैं तो चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकारी बच्ची को अपने अधीन ले लेंगे। इसके बाद बच्ची को पंचकूला में स्पेशल अडाप्शन एजेंसी को दे दिया जाएगा। वहां पर तीन माह तक बच्ची का पालन पोषण होगा और बच्ची के वारिसों के आने का इंतजार किया जाएगा। अगर तीन माह में बच्ची का वारिश सामने नहीं आता तो विज्ञापन निकाला जाएगा। इसमें बच्ची को क्लेम करने का अंतिम मौका होगा। अगर फिर भी कोई सामने नहीं आता तो संबंधित थाना से नॉन क्लेम क्लीयरेंस रिपोर्ट लेकर बच्ची को गोद देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शर्मा का कहना है कि बच्ची को गोद उन्हें ही दिया जाएगा जिनका वहां पर रजिस्ट्रेशन हैं।

यमुनानगर | लावारिस मिली बच्ची को सिविल अस्पताल में दुलारती स्टाफ नर्स मंजीत।

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