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डेढ़ घंटे की िफल्म से महिलाओं की सोच को बदलने का प्रयास
बेटीबचाओ-बेटीपढ़ाओ अभियान के साथ जोड़ने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भेजे गए प्रचार रथ के माध्यम से जिला में अब 90 गांवों में फिल्म दिखाकर लोगों को जागरूक किया गया।
डीसी डॉ. एसएस फूलिया ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पानीपत में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ राष्ट्रीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरे देश में कम लिंगानुपात वाले जिलों में विशेष अभियान शुरू करने के मकसद से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा भेजे गए प्रचार रथों से विशेष प्रचार किया जा रहा हैं। यह रथ गांव-गांव में जाकर जिले के लोगों को वीडियो फिल्म के माध्यम से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के साथ जुड़ने का संदेश दे रहा है।
इस वाहन में डेढ़ घंटे की वीडियो फिल्म में महिलाओं के विभिन्न सामाजिक पहलूओं को बहुत ही रोचक प्रभावी ढंग से दिखाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी के संदेश के साथ-साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की भागेदारी और उनकी उपलब्धियों का भी इस फिल्म में बखूबी वर्णन किया गया है। महिलाओं पर आधारित गीतों संगीतमयी इस वीडियो फिल्म में महिलाओं से जुड़े विभिन्न किस्से-कहानियों के माध्यम से लोगों को कन्या भ्रूण हत्या रोकने, लड़का-लड़की में भेदभाव को समाप्त करने तथा उन्हें अच्छी शिक्षा देकर स्वावलंबी बनाने की प्रेरणा भी दी गई है। लड़कियों के जन्म को लेकर परिवारों में विवाद, गर्भ में उनके भ्रूण की हत्या जैसी सामजिक बुराइयों और उनको रोकने के लिए कड़े कानूनों का प्रावधान, लड़कियों का लड़कों की तुलना में मां-बाप के प्रति अधिक संवेदनशील होना जैसी रोजमर्रा की जिंदगी में घटने वाली घटनाएं भी इस फिल्म के माध्यम से दर्शाई गई हैं। फिल्म में मुख्य रूप से यह संदेश दिया गया है कि यदि लड़कियों को लड़कों की भांति जन्म से ही मान-सम्मान देकर उनके तीज-त्योहार मनाएं और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करें तो वह लड़कों की अपेक्षा हर क्षेत्र में अधिक उन्नति कर सकती हैं।