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दूसरे राज्यों में भी चमकाकर भेज रहे थे खराब चीनी

5 वर्ष पहले
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अनफिट(घटियागुणवत्ता) चीनी को फिट ( कैमिकल मिलाकर) कर दूसरे राज्यों में बेचा जाता था। दूसरे राज्यों में भी वहां पर जहां से मार्केट काफी दूर होती थी। ताकि मिलावटी चीनी को मनमाने रेट पर बेचा जा सके। इतना ही नहीं कैमिकल युक्त चीनी से गर्मियों के दिनों में गुड़ भी बनाया जाता था। यह बात पुलिस पूछताछ मेें सामने आई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी राजीव को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ में अहम जानकारी जुटाने में लगी है। फैक्टरी से पुलिस ने 4060 क्विंटल चीनी जब्त की है। वहीं सैकड़ों क्विंटल गुड़ भी मिला है। पुलिस का कहना है कि इस धंधे से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश है। शहर थाना प्रभारी राजीव मिगलानी का कहना है कि आरोपी राजीव को एक दिन के रिमांड पर लिया है।

गोदाम से मिली चीनी अलग-अलग शुगर मिल की है। गोदाम से मिली चीनी से (जहां से चीनी खरीदी गई ) शुगर मिल की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं। क्योंकि चीनी की एक्सपायरी डेट 24 माह होती है। एक्सपर्ट की माने तो अगर किसी शुगर मिल में दो साल का समय पूरा होने के बाद चीनी बच जाए तो इसे रि-प्रोसेस किया जाता है। इस बारे में जानकारी सरकार को देती होती है। लेकिन कईं शुगर मिल रि-प्रोसेस करने की बजाए ऐसे ही खराब चीनी को औने-पौने दाम पर व्यापारियों को बेच देते हैं। जोकि गलत है। इन दिनों मीडियम कैटेगिरी का चीनी का रेट 3041 रुपए क्विंटल चल रहा है। एक्सपायर होने के बाद यह चीनी 1200 से 1500 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बड़े आराम से मिल जाती है।

इंडस्ट्रीमें यूज होने वाला अरारोट के मिले बैग : खराबचीनी में अरारोट कैमिकल मिलाकर उसे सफेद किया जा रहा था। गोदाम से अरारोट के जो कट्टे मिले हैं वह इंडस्ट्री में यूज होने वाले अरारोट के हैं। एक्सपर्ट की माने तो यह अरारोट स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इसे खाने से व्यक्ति की मौत तक हो सकती है। इससे पता चलता है कि चीनी के नाम पर गोदाम में मीठा जहर बनाने का काम हो रहा था।

बड़ीसंख्या में चल रहा शहर में यह धंधा : शहरमें मिलावटी खराब चीनी को कैमिकल मिलाकर सफेद कर उसे बाजार में सप्लाई करने का खेल कईं जगह चल रहा है। गत माह इंडस्ट्री एरिया में नापतौल अधिकारी ने भी ऐसा ही मामला पकड़ा था। वहीं खराब चीनी से अन्य सामान बनाने का काम भी कईं जगह हो रहा है। लेकिन प्रशासन अब तक इन तक नहीं पहुंच पाया।

यह है मामला

वीरवारको डीसी डॉक्टर एसएस फूलिया ने इंडस्ट्री एरिया स्थित राजीव एंड प्रदीप गोदाम शॉप पर छापा मारा था। वहां पर एक्सपायरी खराब चीनी में अरारोट मिलाकर उसे बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। मौके से 4060 क्विंटल चीनी बरामद हुई थी। वहीं काफी मात्रा में गुड़ भी मिला था। फैक्टरी मालिक के पास कोई भी लाइसेंस नहीं मिला था। शहर यमुनानगर पुलिस ने फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर सुखचैन सिंह की शिकायत पर राजीव के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।

12 फरवरी को प्रकाशित खबर

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