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सरकार लोगों को धर्म, आरक्षण जाति के नाम पर लड़ाने का कर रही है काम

5 वर्ष पहले
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जन संगठन मंच हरियाणा के बैनर तले छह मुख्य संगठन करेंगे सरकार के खिलाफ रैली

भास्करन्यूज | यमुनानगर

अभीतकसरकारी कर्मचारी केवल अपने अधिकारों के लिए रैली आंदोलन करते थे। मगर इस बार कर्मचारी अपने साथ-साथ किसान और आम व्यक्ति के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसको रोजगार अधिकारी रैली का नाम दिया गया है। 28 फरवरी को जींद के हुडा ग्राउंड में छह मुख्य संगठन जन संगठन मंच हरियाणा के बैनर तले एकजुट होकर सरकार के खिलाफ गरजेंगे। रैली में सीटू, अखिल, भारतीय खेत मजदूर यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, जनवादी नौजवान सभा स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया शामिल होंगे। सरकार के खिलाफ कर्मचारी पंपलेट भी बांट रहे है। जिसमें सरकार विकास के बजाए धर्म, आरक्षण जाति के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाने तक का आरोप लगाए जा रहे है

अखिल भारतीय किसान सभा के पदाधिकारी जरनैल सांगवान, अजमेर सिंह, सीआईटू के कैशियर सोमनाथ, विनोद त्यागी, भवन निर्माण मतलूब हसन, जापान सिंह, रामबिलास अन्य का कहना है कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते आम व्यक्ति दो वक्त की रोटी के लिए मजबूर हो गया है। सरकारी विभागों के पद रिक्त पड़े हैं। मगर सरकार भर्ती नहीं कर रही हैं। जिस कारण कर्मचारी, किसान और आम व्यक्ति परेशान है। पढ़ा लिखा युवा रोजगार के लिए भटक रहा है। ठेके पर मामूली वेतन देकर युवाओं का शोषण किया जा रहा हैं। दो साल पहले रोडवेज विभाग ने सरकारी बसें खरीदी थी। स्टॉफ की कमी के चलते बस खड़ी खड़ी खराब हो रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कर्मचारी और आमजन को सुविधा मुहिया करवाने के बजाए सरकार धर्म, जाति, गाय, आरक्षण आदि के नाम पर जनता को लड़ने और सिर्फ पूंजीपतियों की सेवा करने में लगी है। फैक्टरी मालिकों को छूट और कर्मचारियों के अधिकारों को छीन रही है।

ये हैं रैली के मुद्दे

कर्मचारीकृषि रोजगार को लाभकारी बनाने के लिए स्वामीनाथन आयोग लागू हो। फसलों का बकाया मुआवजा दिया जाए। साझे ठेके पर खेती करने वाले किसानों के हित संरक्षण की विशेष व्यवस्थाा और उन्हें बैंक कर्ज समेत अन्य जरूरी सुविधा मिले। किसान स्वरोजगार में लगे लोगों को निजी फाइनेंसरों सूदखोरों के कर्ज जाल से मुक्त कराने के लिए कर्जा मुक्ति आयोग का गठन होना चाहिए। ठेका आउटसोर्सिंग कर्मचारी का शोषणकारी व्यवस्थ खत्म होनी चाहिए। मिड-डे मील, आंगनवाडी, अाशा वर्कर को नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। रिक्त पद भरे जाए। राज्य में आंदोलनकारियों पर बनाए गए मुकदमे वापस सहित अन्य मांगों को लेकर रैली होगी।

यमुनानगर | रोजगारअधिकार रैली के लिए बांटे रहे पोस्टर में सरकार के प्रति लिखा संदेश।

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