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अपने ही घरों में कैद रहे लोग, डर के साए में गुजरी रात, अब भोजन के भी पड़े लाले

7 वर्ष पहले
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आठ माह हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे अधिकारी

यमुनानगर|गांव तिगरामें आज जो हालात हैं वे एक दो दिन की उपज नहीं हैं। अंदर ही अंदर विवाद की चिंगारी आठ महीने से सुलग रही थी, जिसे अधिकारी भांप नहीं पाए। यही वजह रही कि प्रशासनिक अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। हर बार विवाद निपटाने में खानापूर्ति कर इतिश्री कर दी गई। वहीं बुधवार को हुए झगड़े को भी रोका जा सकता था। जिस तरह से प्रशासन ने गांव में देर शाम को धारा 144 और कर्फ्यू लगाया, अगर बुधवार सुबह के समय ही कोई कठोर कदम उठा लिया जाता तो हालात इतने नहीं बिगड़ते।

फरवरीमें शुरू हुआ था विवाद : फरवरीमाह से पहले गांव में सभी लोग भाईचारे से रह रहे थे लेकिन बीती फरवरी में गुरु रविदास जयंती पर निकाली जा रही शोभा यात्रा को रोकने से हालात बिगड़े। तब मामला किसी तरह शांत हुआ, लेकिन हल्की से चिंगारी कहीं दबी रह गई। उसे हवा तब मिली जब सरकार ने गांव में स्टेडियम बनाने की घोषणा कर दी। एससी वर्ग के लोग स्टेडियम बनाने के विरोध में थे तो दूसरे पक्ष के लोग पक्ष में। एससी वर्ग के लोगों का कहना था कि स्टेडियम उनके लिए आरक्षित जमीन पर बन रहा है। स्टेडियम को लेकर हर महीने दोनों पक्षों में कहासुनी आम हो गई और तनाव भी बना हुआ था। लेकिन प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेकर समाधान का प्रयास नहीं किया।

पुलिस ने झगड़े को लिया हल्के में

ग्रामीणोंके अनुसार आठ सितंबर को कलानौर में दोनों पक्षों के युवाओं का झगड़ा हुआ था। इसमें एक पक्ष के दो युवकों को चोटें आई थी। लेकिन प्रशासन ने इस मामले को हल्के में लिया। इसके बाद फिर गुरुनानक खालसा कालेज में 11 सितंबर को फिर दोनों पक्षों की कहासुनी हुई। दोनों पक्षों में यह कहासुनी छह दिन बाद यानी बुधवार को झगड़े में बदल गई।

विवाद की जड़

एसपी शशांक आनंद ने बताया कि मामले की जांच के लिए डीएसपी यमुनानगर सुरेश कौशिक, सदर थाना यमुनानगर, सचिन कुमार और सीआईए थाना प्रभारी राकेश कुमार सहित एसआईटी कमेटी गठित की गई है। उन्होंने बताया कि धारा 144 लगा दी है।

एसपी शशांक आनंद ने बताया कि देर शाम दोनों पक्षों को लोग लिखित कहा कि वे गांव में शांति चाहते हैं और यह विश्वास दिलाते हैं कि अब गांव में किसी भी प्रकार की तकरार नहीं होगी। ऐसे में अब हालात सामान्य होने के आसार बन गए हैं। जल्द ही कर्फ्यू को वापस लिया जा सकता है।

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