बस आवाज ही मेरी पहचान है : वातिश
बसआवाजही मेरी पहचान है। रेडियो आवाज का माध्यम है। जहां पर आवाज के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनाई जाती है। उक्त शब्द वर्ल्ड रेडियो डे के उपलक्ष्य में डीएवी गर्ल्स कॉलेज में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग सांझा रेडियो की ओर से रेडियो पर वर्कशाप में रेडियो जॉकी नरेंद्र वातिश ने कहे।
वर्कशाप के पहले दिन छात्राओं को मीडिया मैनेजमेंट, रेडियो मीडिया इंडस्ट्री ग्लोबल कंटीविटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कॉलेज प्रिंसिपल डाॅ. सुषमा आर्य ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। सांझा रेडियो के चेयरमैन मनमोहन सिंह ने कहा कि रेडियो पर्सनेलिटी डेवलेपमेंट का सशक्त माध्यम है। आवाज के जरिए लोगों से बेहतर तरीके से जुड़ा जा सकता है। प्राइवेट तथा कम्यूनिटी रेडियो को दायर बढ़ने की वजह से लोगों के बीच रेडियो की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। मोबाइल पर रेडियो शुरू होने के उपरांत रेडियो के श्रोताओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। अब रेडियो सुनने के लिए लोगों को रेडियो सेट की जरूरत महसूस नहीं होती। लोग चलते-फिरते अपने मोबाइल सेट पर रेडियो को लुत्फ उठा रहे हैं। यही वजह है कि आज रेडियो के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। लेकिन वे लोगों ही इस क्षेत्र मेें कामयाब हो सकते हैं, जिनके पास आवाज का जादू है। रेडियो जॉकी नरेंद्र वातीस ने अपनी कला का प्रदर्शन कर छात्राओं के समक्ष हुनर को प्रस्तुत किया। साथ ही रेडियो जॉकी की बारीकियों से अवगत कराया। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के इंचार्ज परमेश त्यागी ने कहा कि सस्ता सुलभ होने की वजह से आज रेडियो की पहुंच हर भारतीय तक है। रेडियो पर युवा जहां गीत संगीत का लुत्फ उठाते हैं, वहीं समाचार, परिचर्चा आदि के जरिए वे स्वयं को अपडेट रख सकते हैं। विभाग की प्राध्यापिका सुखजीत कौर राखी खोसला ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे शुद्ध उच्चारण पर ध्यान दें। ताकि रेडियो कार्यक्रम प्रस्तुत कर करते समय उन्हें किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़े।
यमुनानगर. डीएवीगर्ल्स कॉलेज में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा सांझा रेडिया के संयुक्त तत्वावधान विचार रखते वक्त।