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टीओ ने कर्मचारियों का वेतन रोका तो शहर में कर दी पानी सप्लाई बंद

6 वर्ष पहले
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बच्चोंकीस्कूल में फीस भरनी है। स्कूल से फोन पर फोन रहे हैं। किसी ने लोन लिया है उसे किस्त अदा करनी है। 11 दिन हो गए हैं, अभी तक वेतन नहीं आया है।

परिवार का पोलन-पोषण कैसे करें। अब पानी सिर के ऊपर से निकल गया है। तब तक घर नहीं जाएंगे जब तक उनका वेतन जारी नहीं होता। यह कहना था ट्विन सिटी सहित ग्रामीण में तैनात पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के कर्मचारियों का। पानी सप्लाई बंद कर कर्मचारी ट्रेजरी आफिसर (टीओ) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। टीओ ने कर्मचारियों का वेतन रोका तो उन्होंने पानी सप्लाई रोक दी। इससे लोगों के घरों में रखी पानी की टंकियां खाली हो गई। तीन घंटे लघु सचिवालय में कर्मचारी टीओ के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान एसडीएम ने कर्मचारियों से बात की तो कर्मचारी उनसे भी उलझ गए। नारेबाजी और खींचातानी के बाद टीओ बिल पास करने को राजी हुए और तब कर्मचारी शांत हुए और पानी की सप्लाई छोड़ी गई।

ढाईकरोड़ रुपए रुका है डिपार्टमेंट का : 650कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन जारी नहीं हुआ था। इसके साथ ही विभाग की ओर से मेंटिनेंस अन्य कई तरह के बिल टीओ दफ्तर में लगाए थे, जिनकी पेमेंट नहीं हुई। इसके चलते कई खराब पड़े नलकूप तो विभाग ठीक भी नहीं करा पा रहा है। ये बिल ढाई करोड़ के करीब है।

बेवजहऑब्जेक्शन का आरोप : प्रदर्शनकरने पहुंचे कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे संजीव बग्गा और नरेंद्र कांबोज ने बताया कि कई बार टीओ आफिस चुके हैं, लेकिन बेवजह ही बिलों पर ऑब्जेक्शन लगा कर उनका वेतन लटकाया हुआ है। उनका यह भी आरोप है कि टीओ कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार करता है। कई बार चक्कर लगा चुके थे, लेकिन कोई बात नहीं सुन रहा था। इसी के चलते ही उन्हें लघु सचिवालय में आकर प्रदर्शन करना पड़ा है। प्रदर्शन कर रहे हरियाणा गावर्नर्मेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन के जिला सचिव संजीव बग्गा, कश्मीरी लाल, नरेंद्र कांबोज, अशोक वर्मा, शिव कुमार और राजकुमार ने बताया कि हर बार 30 तारीख को वेतन जाता था, लेकिन इस बार बुधवार (11 फरवरी) तक वेतन नहीं आया। वेतन आने से घर चलाना मुश्किल हो गया था। कई कर्मचारियों ने तो लोन लिए हैं। हर माह वह भी भरना होता है, लेकिन इस बार समय पर भरने से कर्मचारियों का जुर्माना सहित उसकी किस्त भरनी होगी। उनका कहना है कि वेतन आने से बच्चों की स्कूल फीस घर के अन्य खर्च उठाने मुश्किल हो गए थे।

मोटर चलाकर देखते रहे नहीं आया पानी

रणजीतगार्डन की रेखा, आनंद कॉलोनी निवासी कविता, पूनम धीमान और कैंप निवासी नरेश का कहना है कि दोपहर को वे मोटर चलाकर देखते रहे लेकिन पानी नहीं आया। नलकूप ऑपरेटर से बात की तो उसने कहा कि आज सप्लाई बंद है। घर में पीने के लिए भी पानी नहीं था। दूसरों के घरों से पीने के लिए पानी लेना पड़ा।

कई बार हो चुके प्रदर्शन

टीओराजबीर सिंह के खिलाफ इससे पहले भी कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं। उनके पर कई गंभीर आरोप भी लग चुके हैं। पिछले माह टे्रजरी आफिस की ही एक महिला कर्मचारी ने उन पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इसकी जांच के लिए कमेटी भी बनाई गई थी। वहीं इसके साथ ही अध्यापक संघ सहित रोडवेज अन्य विभाग के कर्मचारी उनके खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं। 10 दिन में पांच बार उनके खिलाफ लघु सचिवालय में प्रदर्शन हो चुका है। इसके साथ ही उनकी शिकायत कर्मचारियों ने सीएम विंडो में भी की हुई है।

मेरी तरफ से कोई देरी नहीं की गई: टीओ राजबीर सिंह का कहना है कि इसमें मेरी तरफ से कोई देरी नहीं की गई। जो पेय बिल थे वे देरी से जमा हुए थे। इसके साथ ही उनमें कई गलतियां भी थी। पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के कई बिल थे, जोकि करीब ढाई करोड़ के थे। टोकन नंबर के हिसाब से बिल पास होते हैं। बुधवार को उन्होंने लंच के बाद सभी बिल पास कर दिए हैं।

कर्मचारियोंपर बनता है केस

एडवोकेटवरयाम सिंह का कहना है कि पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने पानी सप्लाई बंद कर अपने पद का दूरउपयोग किया है। उन पर पदप्रतिष्ठा का केस बनता है। यह कानून अपराध है। इसमें सजा का भी प्रावधान है। इसके लिए किसी भी व्यक्ति को थाना में एक शिकायत देनी होगी।

ट्रेजरी ऑफिसर के खिलाफ सचिवालय में प्रदर्शन करते पब्लिक हेल्‍थ के कर्मचारी।