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जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य बनाना जरूरी : रवनीत
यमुनानगर|जीवन मेंसफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य बनाना जरूरी है। लक्ष्य व्यक्ति के जीवन को दिशा देता है। युवा वर्ग को अपना लक्ष्य अवश्य निर्धारित करना चाहिए। सफल जीवन उसी का है, जो अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हुए परहित की भावना रखें और दूसरे के सुख-दुख में सहयोगी बने। यह कहना है कि चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रवनीत का।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महाराजा अग्रसेन काॅलेज जगाधरी के लीगल लिटरेसी प्रकोष्ठ की ओर से विधिक साक्षरता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रवनीत मुख्यातिथि और अध्यक्षता प्रिंसिपल डॉ. पीके वाजपेयी
न्यायाधीश ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने कानूनी अधिकारों कर्तव्यों बारे जानकारी होना आवश्यक है। लोगों को कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने शीघ्र न्याय दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विधिक साक्षरता शिविरों लोक अदालतों का आयोजन करवाता है। लोक अदालतों में मामलों का निपटारा दोनों पक्षों की सहमति से किया जाता है।
इनको मिलती है मदद
न्यायाधीश के मुताबिक प्राधिकरण द्वारा ऐसे व्यक्तियों, जिनकी वार्षिक आय डेढ़ लाख रुपए से कम है, को अदालत में केस लड़ने के लिए नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। इसके साथ-साथ अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग, महिलाओं, मानसिक रोगियों, निशक्त व्यक्तियों, नाबालिग बच्चों के लिए भी नि:शुल्क कानूनी सहायता दिए जाने का प्रावधान है। सरकार द्वारा महिला संरक्षण संबंधी अधिनियमों में नए संशोधन किए गए है। लड़कियों से छेड़छाड़ करना, उनका पीछा करना, फब्तियां कसना अपराध है। गोष्ठी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समन्वयक वीरेन्द्र पाल सिंह ने विद्यार्थियों को मानवाधिकार अधिनियम, महिलाओं की घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम 2005, दहेज प्रथा निषेध अधिनियम 1961, बंधुवा मजदूरी बाल मजदूरी निषेध अधिनियम सहित विभिन्न अधिनियमों एवं कानूनी प्रावधानों बारे बताया। जिला स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उपमंडल स्तर पर उपमंडलीय विधिक सेवा समिति कार्यरत है। इसके साथ-साथ लीगल एड क्लीनिक भी कार्यरत है। जहां पर कोई भी व्यक्ति कानूनी प्रावधानों की जानकारी नि:शुल्क कानूनी सहायता लेने बारे संपर्क कर सकता है।