चारे के पैसे की बात उठी तो बोले- डीसी से करेंगे बात और लौट गए
लट्ठ मारने से बछिया की मौत, गोभक्तों ने किया रोड जाम, दोषी के खिलाफ केस दर्ज
गोवंशोंकी देखभाल की जिम्मेवारी लेने के 5 दिन बाद बुधवार को पशु चारा, पानी चिकित्सा का प्रबंधन करने के लिए प्रशासन की सुपरविजन कमेटी श्री गोपाल गोशाला पहुंची। यह कमेटी ढाई घंटे तक गोभक्तों को कानून का पाठ पढ़ा चारा पानी की व्यवस्था किए बिना वापस लौट गई। गोभक्तों ने प्रशासन के इस रवैये की निंदा करते हुए चारा-पानी की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है।
5 फरवरी को तहसीलदार ईश्वर सिंह बीडीपीओ के नेतृत्व में श्री गोपाल गोशाला की आम सभा हुई थी। इस आम सभा में गोभक्तों ने गोशाला में अव्यवस्थाओं के चलते प्रबंधक कमेटी के प्रधान से इस्तीफा मांगा था। बैठक में प्रधान रामकुमार भोजावासिया सहित प्रबंधक कमेटी ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया था। तहसीलदार ने कमेटी का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद कहा था कि जब तक गोशाला की नई कार्यकारिणी के चुनाव करवाए जाएंगे, तब तक पशुचारा, पानी, चिकित्सा की व्यवस्था प्रशासन करेगा, लेकिन इसके बाद गोवंशों की सुध लेने के लिए 5 दिनों तक प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी कर्मचारी गोशाला नहीं आए।
14सदस्यीय एडहॉक कमेटी का किया गठन
जिम्मेवारीलेने के 5 दिन बाद बुधवार को आरटीए सचिव रामकुमार के नेतृत्व में तहसीलदार ईश्वर सिंह, पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर नसीब सिंह, कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर प्रवीण गुलिया सिविल सर्जन राजपाल की सुपरविजन कमेटी सुबह 11 बजे गोशाला पहुंची। सुपरविजन कमेटी ने सबसे पहले बंद कमरे में तैयार की गई 14 सदस्यीय एडहॉक कमेटी के नाम सार्वजनिक कर बताया कि गोवशों की देखभाल के लिए यह अस्थाई कमेटी बनाई गई है। जो 6 हफ्ते (चुनाव होने तक) पशु चारा, पानी, चिकित्सा, खल दाना आदि सभी प्रकार की व्यवस्था करेगी। इस पर 5 फरवरी से गोवंशों की देखभाल कर रही अस्थाई कमेटी ने बताया कि केवल आज शाम तक का चारा बचा है। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। दूध देने वाली गायों के लिए खल दाने की व्यवस्था नहीं है। इसलिए गोवंशों के लिए यह पूरा सामान आज ही उपलब्ध करवाया जाए।
गोभक्तोंने एडहॉक कमेटी में शामिल नामों पर जताया एतराज
बैठकमें सुपरविजन कमेटी ने प्रशासन द्वारा बनाई गई एडहॉक कमेटी के सदस्यों के नाम सार्वजनिक किए तो गोभक्तों ने एतराज जताया। गोभक्तों ने कहा कि इस कमेटी में शामिल किए गए ज्यादातर सदस्यों में गोशाला प्रबंधक समिति के लोग ही हैं। इन्हीं लोगों के कारण पूर्व में गोशाला में अव्यवस्था फैली थी और अव्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में गोवंशों की मौत हुई थी। अब दोबारा उन्हीं लोगों को उनकी देखभाल की जिम्मेवारी सौंप दी गई। उनका कहना है कि एडहॉक कमेटी में गोवंशों की पिछले दो-तीन हफ्ते से देखभाल कर रहे गोभक्तों को ही शामिल किया जाए।
नारनौल. जामलगा रहे लोगों को समझाते पुलिस अधिकारी।
नारनौल. बसस्टैंड के सामने मोची द्वारा लट्ठ मारे जाने की घटना के बाद बछिया की मौत से गुस्साए लोग जाम लगाते हुए, बिखरा पड़ा मोची का सामान।
^श्री गोपाल गोशाला में 6 हफ्ते बाद प्रबंधक कमेटी के चुनाव करवाए जाएंगे। तब तक सुपरविजन कमेटी के नेतृत्व में एडहॉक कमेटी गोवंशों की देखभाल करेगी। इसके लिए जिला उपायुक्त के निर्देशानुसार गोशाला में बेहतर व्यवस्थाएं की जाएंगी। -रामकुमार, सचिव आरटीओ एवं सुपरविजन कमेटी इंचार्ज, श्री गोपाल गोशाला, नारनौल।
चुनाव के लिए नए सदस्य बनाने का किया विरोध
बैठकमें प्रशासन की सुपरविजन कमेटी ने बताया कि 6 हफ्ते बाद श्री गोपाल गोशाला प्रबंधक समिति के चुनाव करवाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया में गोशाला के पुराने सदस्यों को ही वोट डालने का अधिकार होगा। चुनाव के लिए नए सदस्य नहीं बनाए जाएंगे। इस पर गोभक्तों ने कहा कि 5 फरवरी की आम सभा में नए सदस्य बनाने संबंधी प्रस्ताव पास कर दिया गया था। अब यह नया नियम कहां से गया। इससे स्पष्ट है कि जिस प्रबंधक समिति की लापरवाही के कारण गोशाला में अव्यवस्था बिगड़ी थी, उन्हीं लोगों को दोबारा उनकी देखभाल की जिम्मेवारी सौंप दी जाएगी। जबकि गोभक्तों ने 20 दिनों तक अथक श्रम कर गोशाला की व्यवस्था को सुधारा है। गोभक्तों सुपरविजन कमेटी के इस निर्णय पर कड़ा विरोध जताया।
चारा, पानी, खल दाने की व्यवस्था किए बिना ही लौटी सुपरविजन कमेटी
गोभक्तोंद्वारा जब चारा, पानी खल आदि उपलब्ध करवाने की बात कही तो सुपरविजन टीम के अधिकारी आरटीए सचिव रामकुमार ने वहां मौजूद एडहॉक कमेटी के 4-5 सदस्यों से कहा कि वे गोवंशों के लिए चारा, पानी खल की व्यवस्था करें। इस पर एडहॉक कमेटी के सदस्यों ने कहा कि वे चारा, पानी खल आदि की व्यवस्था तो करवा देंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें पैसे दो। बगैर पैसे आदेश देने से कुछ नहीं होने वाला। पैसे देने की बात आने पर सुपरविजन टीम ने डीसी से बात कर उन्हें बताने की कह कर बिना व्यवस्था किए वापस लौट गई।
नारनौल. गऊशालामें प्रशासनिक अधिकारियों को गायों की अव्यवस्थाओं से अवगत करवाते गो भक्त। दूसरे चित्र में एडहॉक कमेटी के गठन को लेकर गोशाला के लोगों से चर्चा करते गोशाला का सुपरविजन करने आए प्रशासनिक अधिकारी।