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3 स्कूल बस चालकों के चालान 2 दर्जन को हिदायत देकर छोड़ा

5 वर्ष पहले
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डाबौलागांव के नजदीक दो बसों की टक्कर में दो छात्राओं की मौत और 39 बच्चों के घायल होने के बाद भी स्कूल प्रबंधन सजग नहीं हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस द्वारा गुरुवार को दूसरे दिन भी स्कूल बसों की चेकिंग का अभियान चलाया गया। इस दौरान 30 बसों की जांच की गई, जिनमें अधिकांश में खामियां सामने आईं। ट्रैफिक पुलिस ने तीन बस चालकों का चालान काटा, जबकि दो दर्जन बस चालकों को खामियां दूर करने की हिदायत देकर छोड़ दिया।

तीनबसों में ये मिली खामियां

गुरुवारको चेकिंग के दौरान ज्यादातर बसों में सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइनों की अनदेखी पाई गई। किसी बस में सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले तो किसी ड्राइवर की वर्दी पर नेम प्लेट गायब थी। वहीं किसी में अग्निशमन यंत्र नहीं थे तो किसी में फर्स्ट एड बॉक्स अधूरे थे। पुलिस ने जिन तीन बसों के चालान काटे उनमें एक में सीसीटीवी कैमरा नहीं था और चालक की वर्दी पर नेम प्लेट भी नहीं थी। वहीं, एक अन्य स्कूल की बस में फर्स्ट एड बॉक्स तो तीसरे में अग्निशमन यंत्र नहीं था।

सहयोगके नाम पर आरएसओ भी कर रहा खानापूर्ति

ट्रैफिकपुलिस की मदद के लिए लगाए रोड सेफ्टी ऑफिसर (आरएसओ) भी काम के नाम खानापूर्ति करते नजर रहे हैं। यहां 75 आरएसओ हैं, जिनमें से महज पांच-छह ही अभियान में सहयोग देते हैं। दो महीने पहले आपसी खींचतान के चलते आरएसओ संगठन में दो फाड़ हो चुकी है और जागरुकता के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन जिसका पालन जरूरी

{बसोंमें स्कूल का नाम टेलीफोन नंबर लिखा होना चाहिए

{बसों का उपयोग स्कूली गतिविधियों परिवहन के लिए ही किया जाए

{वाहन पर पीला रंग हो जिसके बीच में नीले रंग की पट्टी पर स्कूल का नाम लिखा हो

{चालक को न्यूनतम पांच वर्ष का वाहन चालने का अनुभव होना अनिवार्य है

{सीट के नीचे बस्ते रखने की व्यवस्था बस में अग्निशमन यंत्र जरूरी

{बस में कंडक्टर का होना भी अनिवार्य और दरवाजे ताले युक्त होने चाहिए

{फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध हो खिड़कियों में आड़ी पट्टियां ग्रिल लगी हो

{सीसीटीवी कैमरे स्पीड गवर्नर अनिवार्य रूप से हो

बहादुरगढ़. डाबौदाहादसे से स्कूल प्रबंधन ही नहीं अभिभावक भी सीख नहीं ले रहे हैं। स्कूल आने जाने के लिए ऑटो के पीछे इस तरह से बैठकर छात्र-छात्राएं सफर कर रहे हैं। शहर में ब्रेकरों की स्थिति के बावजूद इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है।

दो दिन में जांची 70 बसें

^स्कूलसंचालकों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशोंका निर्देश दिया है। हमारी टीम ने दो दिन में 70 स्कूली बसों की जांच की। खामियां पाए जाने पर दो बसे इंपाउंड की हैं और तीन के चालान काटे हैं, जबकि 50 से ज्यादा बस ड्राइवरों को जल्द से जल्द खामियां सुधारने की हिदायत दी गई है। -सुखबीरसिंह, एसएचओ ट्रैफिक थाना

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