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विजिलेंस का सहयोग करें एसडीओ : हाईकोर्ट

6 वर्ष पहले
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भ्रष्टाचार के मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के फरार चल रहे एसडीओ गौरव कक्कड़ को कोई राहत नहीं मिल सकी है। हाईकोर्ट ने एसडीओ की एक अर्जी पर सुनवाई करते हुए उनको विजिलेंस के समक्ष पेश होकर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। गौरव कक्कड़ सोमवार को विजिलेंस के झज्जर स्थित कार्यालय में पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे। दिसंबर 2014 में विजिलेंस टीम ने प्लाइवुड एसोसिएशन के प्रधान एवं प्रीमियर प्लाइवुड फैक्टरी के संचालक आरके मित्तल की शिकायत पर बहादुरगढ़ के प्रदूषण विभाग के क्लर्क श्रीभगवान को छह हजार की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था।

प्रदूषण विभाग के एसडीओ गौरव कक्कड़ अपनी टीम के साथ के परिसर में आए थे, जहां पर एसडीओ ने प्रदूषण मानकों के मामले में उनसे 25 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इसमें से 19 हजार रुपए पहले दे दिए गए थे, जबकि शेष राशि को एसडीओ ने श्रीभगवान को कार्यालय में दिए जाने के लिए कहा था। विजिलेंस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी अभी उनकी पहुंच से बाहर है। एसडीओ ने पहले तो विजिलेंस की छापे की कार्रवाई के खिलाफ उच्च अधिकारियों को अपील की और उसके बाद जब दो बार हुई जांच में भी वे दोषी पाए गए, तो उन्होंने झज्जर सेशन कोर्ट में अपील की। यहां पर उनकी याचिका रद्द हो गई। वहीं, बाद में उन्होंने हाईकोर्ट से राहत लेनी चाहिए।

जांच में 27 फरवरी तक शामिल होने के आदेश

हाईकोर्टने एसडीओ गौरव को जांच में शामिल होने के लिए 27 फरवरी तक के आदेश दिए हैं। तब तक उनकी गिरफ्तारी पर अस्थाई रूप से रोक रहेगी। कोर्ट के निर्देश पर अब एसडीओ ने जांच में शामिल होने संपर्क किया है। इस दौरान सीडी प्रकरण से लेकर अपने फैक्टरी के प्रदूषण मानकों सहित दूसरे मामले में पक्ष स्पष्ट करेंगे। विजिलेंस यदि एसडीओ की बात से संतुष्ट होगी, तो एसडीओ को राहत मिल सकती है। पहले दो बार हुई जांच में विजिलेंस ने एसडीओ को दोषी बना है। विजिलेंस के पास एक सीडी है, जिसमें व्यापारी द्वारा लगाए गए आरोप में दम दिखता है।

{भ्रष्टाचार मामले में फरार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ को राहत नहीं