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मॉल स्टाइल में शॉपिंग शुरू नहीं करना पड़ेगा इंतजार

6 वर्ष पहले
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शहरके 9 हजार सैनिकों के परिवारों को घर की जरूरत का पूरा सामान सम्मान के साथ मिलने का सपना पूरा हो गया है। शहर में स्थित कैंटीन के एक्सटेंशन काउंटर को सीएसडी कैंटीन का दर्जा मिल गया है। बहादुरगढ़ में चिंकारा सीएसडी कैंटीन को दुकान से बदलकर इसे शॉपिंग माल की तरह बना दिया गया है।

अलग से कैंटीन बनने से सैनिक परिवारों के लिए प्रॉडक्ट की संख्या भी 500 से बढ़कर पांच हजार हो गई है। कैंटीन में औसतन सवा करोड़ रुपए प्रतिमाह की शॉपिंग होने की उम्मीद है। रविवार को दिल्ली से कर्नल एसके मगो ने कैंटिन का जायजा लिया और कैंटिन की सुविधाओं की सराहना की। कैंटीन में घरेलू जरूरत का सामान लेने आए कुछ पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों से बात की गई तो उन्होंने भी इस नई व्यवस्था को सराहा।

61 सब एरिया में बनी सीएसडी कैंटीन में सामान लेने वालों का समय बर्बाद नहीं होगा। सामान के लिए कोई लाइन नहीं लगेगी। यहां मॉल की तरह सेल्फ सर्विस से सामान ले सकेंगे और काउंटर पर जाकर इसकी पेमेंट करेंगे। पूर्व सैनिक की प|ी अनिता, पूर्व सैनिक सतबीर, प्रमोद और मुकेश तथा उसकी प|ी ने कहा कि पहले यहां सामान लेना पैसे देकर पसंद का सामान तो मिलता ही नहीं था।

^महीने में केवल 2 दिन उनके लिए कैंटीन में सामान आता था। जिसे पाने के लिए पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को घंटों लाइन में लगना पड़ता था। जिस दिन यहां सामान आता था, उस दिन सुबह 6 बजे लोग लाइन में लग जाते थे। कई बार उन्हें यहां से खाली हाथ भी लौटना पड़ता था, लेकिन लगता है अब ऐसा नहीं होगा। इससे लोगों का समय बर्बाद नहीं होगा। मधु,सेना अधिकारी की प|ी।

^महीनेमें केवल दो दिन ही सामान आता था, जिसे लेने के लिए कई बार झगड़े भी हो जाते थे, लेकिन अब कैंटिन को मॉल की तरह बना दिया गया है। शहर की कैंटिन में सवा करोड़ रुपए से ज्यादा की शॉपिंग होगी। गर्मियों में सेंट्रल एसी चालू कर दिया जाएगा। बिलिंग काउंटर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि शॉपिंग के बाद बिलिंग भी जल्दी हो सके। जल्द ही पेमेंट के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड भी प्रयोग किए जा सकेंगे। कर्नलजीत सिंह, मैनेजर।

कर्नल ने लिया कैंटीन का जायजा

जीओसीने दुकान नुमा कैंटीन को माॅल नुमा कैंटीन बनाने की योजना को मंजूरी दी थी। उनका यह सपना साकार हुआ है। रविवार को दिल्ली से कर्नल एसके मगो कैंटीन का निरीक्षण करने के लिए बहादुरगढ़ पहुंचे। उन्होंने पूरी कैंटीन में एक-एक चीज के बारे में मैनेजर कर्नल जीत सिंह से जानकारी जुटाई और यहां सामान लेने के लिए आए पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों से कैंटीन में उपलब्ध करवाई गई सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। हरियाणा में चिंकारा की कुल 15 कैंटिन हैं। सभी में जीरो वेटिंग की जा रही है।

बहादुरगढ़. झज्जररोड पर खुली सेना की नई कैंटीन में अपनी पंसद के सामान की खरीददारी करती महिला।