पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • दिल्ली में चालक रहित मेट्रो का ट्रायल मुंडका बहादुरगढ़ का रास्ता साफ

दिल्ली में चालक रहित मेट्रो का ट्रायल मुंडका-बहादुरगढ़ का रास्ता साफ

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहरवासियोंके लिए बिना ड्राइवर की मेट्रो में सफर करने का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार से दिल्ली में ‘अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन’ प्रणाली युक्त ट्रेन का ट्रायल रन शुरू हो गया है। देश में यह पहली ट्रेन होगी जो बिना ड्राइवर के चलेगी। डीएमआरसी द्वारा थर्ड फेस के सभी कॉरिडोर पर इस तरह की ट्रेन चलाने का फैसला लिया था। मुंडका-बहादुरगढ़ लाइन भी थर्ड फेस प्रोजेक्ट का हिस्सा है। नई ट्रेन में वाई -फाई इंटरनेट और पहले से ज्यादा चार्जिंग प्वाइंट्स और यूएसबी पोर्ट की सुविधा मिलेगी।

अभीमुकुंदपुर डिपो से मजलिस पार्क तक चलेगी ट्रायल ट्रेन

मुकंदपुरडिपो से केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरी झण्डी दिखाकर ट्रायल रन के लिए इस अनोखी ट्रेन को रवाना किया। फिलहाल यह ट्रायल ट्रेन मुकुंदपुर डिपो से लेकर मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन तक चलाई गई है।

होगा गहन परीक्षण

दिल्लीमेट्रो द्वारा पहली बार ड्राइवर के बिना ट्रेन चलाई जा रही है, इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए इनका गहन परीक्षण होगा कि ये लाइन की कमिशनिंग के बाद यात्रियों को अच्छी सेवाएं प्रदान कर पाए। परीक्षण रन के दौरान, मेट्रो ट्रेन के साथ अनेक भौतिक बाधाएं जांची जाएंगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि ट्रैक पर ट्रेन के आगमन के दौरान कोई रुकावट आए।

नई ट्रेन की विशेषताएं

>6कार ट्रेन में चार मोटर कार और दो ट्रेलर कार होंगी।

>प्रत्येक कोच में 12 अधिक यात्रियों के लिए अतिरिक्त जगह।

>ड्राइवर की जगह 40 अधिक यात्री सवार हो सकेंगे।

>एलईडी स्क्रीन पर डिजिटल रूट मैप।

>सेरिमिक कोटेड एल्युमिनियम के अंदरूनी पैनल के साथ अच्छी फिनिश।

रिमोट कंट्रोल से होगी आपरेट

ट्रेनचलाना और रोकना, गति तेज करना और ब्रेक लगाना, दरवाजों का परिचालन और आपातकालीन स्थितियों को संभालना आदि सब कुछ रिमोट से होगा। ट्रेन के अंदर सीसीटीवी प्रणाली से ओसीसी के साथ लाइव स्ट्रीमिंग होगी। इसके अतिरिक्त रेल के पटरी से हटने की रोकथाम के लिए, छोटी-मोटी रुकावटों को दूर करने के लिए ऑब्स्ट्रक्शन डिफ्लैक्शन डिवाइस लगाई गई है। दो अतिरिक्त फ्रंट फेसिंग और एक डिट्रेनमेंट कैमरा भी इंस्टॉल किया गया है।

शुरू में ऑपरेटर ट्रेन चलाएंगे

^नईट्रेन को यह सुनिश्चित करने के लिए गहरे परीक्षण से गुजारा जाएगा कि ये नए कॉरिडोर की कमिशनिंग के बाद अच्छी तरह चलने के लिए तैयार है। शुरू में ट्रेन ऑपरेटर इन ट्रेनों को चलाएंगे, लेकिन धीरे-धीरे ड्राइवर के बिना परिचालन किया जाएगा। थर्ड फेस के तहत बनाए जा रहे सभी कॉरिडोर में इसे चलाया जाना है। अनुजदयाल, सीपीआरओ, डीएमआरसी

खबरें और भी हैं...