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पौने दो करोड़ के गत्ता कॉपी घोटाले में आरोपियों को कोर्ट से राहत नहीं
आबकारीएवं कराधान विभाग में पौने दो करोड़ के गत्ता-कॉपी घोटाले का मामला पेचिदा हो गया है। एक ओर विभाग की ओर से जांच अधिकारी को रिकार्ड तक उपलब्ध नहीं कराया गया है वहीं नामजद कर्मचारियों ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट का रुख कर लिया। कोर्ट ने अब नामजद दोनों आरोपियों को राहत देने से मना कर दिया है। कुल मिलाकर करोड़ों रुपए के इस घोटाले में अब विभाग का अधिकारी वर्ग असहयोग के मूड़ में है। जबकि मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अफसरों से फिर से जांच का रिकार्ड तलब किया है।
बता दें कि दैनिक भास्कर ने जिले के चर्चित आबकारी एवं कराधान विभाग के भ्रष्टाचार के मामले उजागर किया था। इस मामले में 5 दिसंबर के अंक में भी खबर दी गई थी। इसमें बताया गया कि जांच का हवाला देकर मामले को दबाया जाता रहा। खट्टर सरकार के आने जांच के काम में तेजी गई। इसके चलते अब बहादुरगढ़ में लंबे समय तक जमे अफसरों पर शिकंजा कसा जा सकता है, जो गुड्स एवं यात्री कर शाखा से जुड़े रहे हैं।
दरअसल शिकायतों के चलते सांपला के गिझी उमेद सिंह की ओर से आरटीआई के तहत 1 अप्रैल 2010 से दिसंबर 2013 तक की उन सभी वाहनों की जानकारी मांगी थी, जिनकी जांच की गई थी। लेकिन विभाग ने इनकी संख्या और किए गए जुर्माने का हवाला देकर इनकी सत्यापित कापी देने से बच गया। सूत्रों का कहना है कि झज्जर जिले में यह मामला लंबे समय से चलता रहा था, जिसमें स्टॉफ के साथ साथ जिम्मेदारी अधिकारी की जवाबदेही बनती है, लेकिन हालत यह है कि इस मामले में केवल नीचे के स्टॉफ को बली का बकरा बना दिया गया है।
खास बात है कि इस मामले में जांच दो कर्मचारी सुरेश अनिल के खिलाफ नामजद शिकायत दी गई, जबकि अफसरों ने बहुत कुछ जानते हुए भी कुछ अन्य लोगों के नाम एफआईआर दर्ज करने वाली शिकायत में नहीं किए। जिनकी दस्तावेजों में भूमिका रही है। इनके बारे में कुछ अन्य लोगों के शामिल होने की बात लिखकर पल्ला झाड़ लिया गया। दस्तावेजों में इनकी भूमिका है। मामला भी रिकार्ड से आधारित है, इसके बावजूद आबकारी विभाग के अधिकारी इस घोटालो पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं। जिससे मामला लंबा होने से उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हो सके।
अफसरों की झज्जर में तैनाती की रहती थी इच्छा
सेलटैक्स कार्यालय की बात की जांच तो अधिकांश अफसरों की झज्जर में तैनाती की इच्छा रहती थी। यहां का बहादुरगढ़ के टिकर