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बहादुरगढ़ में कॉलोनियां पास कराना होगा मुश्किल
हरियाणासरकार ने कॉलोनाइजरों की मनमानी पर लगाम कसते हुए उन्हें अब बिजली से जुड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर पूरा किए बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं देने का फैसला किया है। इस तरह कॉलोनाइजरों को अब हर सूरत में अपनी कॉलोनी में बिजली के अंदरूनी और बाहरी तंत्र को पूरा करना जरूरी होगा।
जिला योजनाकार विभाग ने इस संबंध में एक ऑर्डर हाल में जारी किया है। इसके बाद बिना पूरी कार्यवाही किए कॉलोनी काटने वालों के सामने तो संकट आएगा पर कॉलोनी में प्लॉट घर खरीदने वालों को राहत मिलेगी वे फर्जी कॉलोनाइजरों की चपेट में आने से बच जाएंगे। इसके साथ उन लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी जो कॉलोनाइजरों के झूठे फरेब में आकर इनकी कॉलोनियों में आकर तो बस चुके हैं, लेकिन बिजली के मामले में हमेशा परेशान हो रहे हैं। इन कॉलोनियों के लोगों की शिकायत रहती थी कि उनकी कॉलोनियों में बिजली व्यवस्था नहीं होने से लाखों रुपए खर्च कर भी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। योजनाकार विभाग के इस ताजा फरमान से राहत एनसीआर के उन शहरों में मिलेगी जहां निजी स्तर पर कॉलोनियां विकसित की गई हैं।
इन कॉलोनाइजरों को अब कंप्लीशन सर्टिफिकेट तभी मिलेगा जब वे अपने यहां अंदरूनी एक्सटर्नल बिजली इनफ्रास्ट्रक्चर के लिए बिजली निगमों से क्लीयरेंस हासिल नहीं कर लेते। कॉलोनाइजरों को अब बिजली निगम से कनेक्शन लेना जरूरी होगा और कॉलोनी के पीक लोड के हिसाब से अंदरूनी डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी कॉलोनाइजरों की होगी। इस मामले में कॉलोनाइजरों को एक्सटर्नल इलेक्ट्रिकल सर्विस देने वाली एजेंसी से अप्रूवल लेना जरूरी होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग कॉलोनाइजरों से इसकी कीमत वसूल कर बिजली निगमों को देगा। इससे पहले तक कॉलोनाइजर ऐसा नहीं करते थे और कंप्लीशन सर्टिफिकेट हासिल कर लेते थे।
इसका सीधा नुकसान कॉलोनियों में फ्लैट या घर खरीदने वालों को उस समय होता था, जब उन्हें खराब बिजली सिस्टम में लगे लड़की के खंबों पर बिछाई गई तारों से जूझना पड़ता था। इसके साथ अवैध कॉलोनियों को पास करवाने में भी पहले वहां कुछ बिजली के खंबे दिखा दिए जाते थे पर बाद में बिजली निगम वहां बिजली की व्यवस्था करता है।
इन कॉलोनियों में सर्वे
26कॉलोनियों को वैध करने के बाद शहर में बच गई 15 कॉलोनियों को भी वैध करनी है। इन कॉलोनियों को भी वैध हुई 26 कॉलोनियों के साथ भेजा गया था। पर तब यह पास नहीं हो पाई थी। इनके काफी भाग एक्टेंशन के रूप में शामिल किए गए थे। इस बार के सर्वे में आर्य नगर फेज-2, आजाद नगर, भीम नगर, डिफेंस कॉलोनी, हरि नगर, जेई कालोनी, नरसिंह नगर निजामपुर, पटेल नगर 3, रामा कृष्णा नगर, न्यू नेताजी नगर, सूर्य नगर, कृष्णा नगर, कुबेर एंकलेव, न्यू बसंत विहार पटेल नगर 2 को शामिल किया जाना है। पर अब जिस तेजी से कानून बदल रहे हैं उसके चलते इन कॉलोनियों को पास करवाने में अब दिक्कत बढ़ती जाएगी
हरियाणा अर्बन लोकल बॉडी ने 2009 के बाद की सभी कॉलोनियों का सर्वे करवाने का भी काम शुरू करने को कहा हुआ है। जिससे उन कॉलोनियों को जो 2013 नवंबर में स्थायी मान्यता के लिए घोषित सूची में शामिल नहीं हो सकी हैं, उन्हें शामिल किया जा सकेगा।
इससे उन सभी कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का सिलसिला शुरू किया जा सके। हरियाणा अर्बन लोकल बॉडी ने अवैध कॉलोनियों के सर्वे करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्राइवेट एजेंसी को सर्वे करने की जिम्मेवारी भी सौंपी जा सकती है। इसमें 30 सितंबर 2009 के बाद और 1 जनवरी 2014 में अस्तित्व में आई कॉलोनियों को रखा गया है। सर्वे पूरा होने के बाद देखा जाएगा कि कॉलोनी सरकारी जमीन पर बनी हो, साथ ही वह स्थायी के लिए निर्धारित नियमों पर खरा उतरती हो।