अब बहादुरगढ़ की होगी 100 नंबर की घंटी
एक्सीडेंट,क्राइम एवं अन्य इमरजेंसी के वक्त 100 नंबर पर बुलाई जाने वाली सहायता की कॉल रोहतक नहीं अब बहादुरगढ़ में ही बजेगी। लंबे प्रयासों के बाद पुलिस ने मोबाइल कंपनियों के साथ मिलकर इस अव्यवस्था तोड़ निकाल लिया है।
यानी 100 नंबर की कॉल सही जगह वाया रोहतक और झज्जर की बजाय सीधे बहादुरगढ में पहुंच सकेगी और पीडितों को जल्द हेल्प मिल सकेगी।
डीएसपी आफिस में नया पुलिस कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। जो इस सप्ताह के अंत तक तैयार हो जाएगा। इसके लिए एसपी ने बीएसएनएल और निजी मोबाइल कंपनियों को अपने सर्वर में सेटिंग करने को कहा था।
रोहतकबजती थी घंटी
शहरवासियोंको लंबे समय से शिकायत थी कि आपात स्थिति में जब मोबाइल से 100 नंबर मिलाया जाता था तो रोहतक पुलिस कंट्रोल में बात होती थी। वहां से पुलिस अधिकारी झज्जर कंट्रोल रूम का लैंडलाइन नंबर प्रोवाइड करवाते थे। जिस पर लोगों को झज्जर कांटेक्ट करना पड़ता था। उसके बाद संबंधित थाना, चौकी या फिर पीसीआर को वीटी मैसेज किया जाता था। इस प्रोसेस में 15 मिनट गुजर जाती थी और कई बार टाइम पर सहायता भी नहीं मिल पाती थी।
येथी प्रॉब्लम
दरअसलबहादुरगढ़ पहले रोहतक जिले का हिस्सा होता था। इस वजह से टेलीकॉम कंपनियों के सर्वर की सेटिंग रोहतक से अटैच थी। तब मोबाइल सर्विस कम होती थी। बाद में झज्जर जिला बन गया, लेकिन टेलीकॉम कंपनियों ने अपने सर्वर की सेटिंग चेंज नहीं की और इमरजेंसी कॉल रोहतक ही पहुंचती रही। चूंकि जिला चेंज हो गया था, इसलिए किसी भी कॉल पर रोहतक पुलिस कार्यवाही नहीं कर सकती थी बल्कि कॉलर को झज्जर का डायरेक्ट नंबर दिया जाता था। ऐसे में पीडि़तों के पास हेल्प पहुंचने में अक्सर देरी हो जाती थी।
दिल्लीनहीं जाएगी कॉल
डीएसपीशमशेर सिंह दहिया ने बताया कि टिकरी बार्डर, सेक्टर-9, नजफगढ़ रोड, एमआईई, निजामपुर रोड, कानौंदा, लडरावण, खैरपुर के दिल्ली बार्डर के पास के इलाके से कॉल करने पर दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर कॉल चली जाती है। कई बार सर्विस प्रोवाइडर से इसे ठीक कराने को कहा, लेकिन कुछ कुछ तकनीकी समस्या आती रही थी। इसके बाद एसपी ने अपने स्तर पर सभी सर्विस प्रोवाइडर से कांटेक्ट कर इसमें सुधार के प्रयास करने काे कहा। अब कंपनियों ने अपने नेटवर्क में भी सुधार किया है और सारी कॉल बहादुरगढ़ में बनाए जा रहे कंट्रोल रूम में ही ट्रां