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किसानों को दिए उपचार बीज के उपयोग के टिप्स

7 वर्ष पहले
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किसानगेंहूं की बिजाई करने से पूर्व बीज का उपचार जरूर कर ले। ऐसा करने से किसानों को गेंहूं की अच्छी पैदावार मिलेगी।

आगामी समय में होने वाली अनेक प्रकार की बिमारियों से फसल बची रहेंगी। कृषि विभाग बहादुरगढ़ के एसडीओ सुनील कौशिक एडीओ रमेश लाठर ने किसानों को ये सलाह दी है। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि वर्तमान में जमीनों के अंदर पोषक तत्वों की कमी के चलते फफूंद बैक्टिरियां की मात्रा बढ़ रही है। इसी कारण से किसान की फसलों में बीमारियां आती हैं। फसलों में नुकसान होता है। बीमारियों से बचाव के लिए बिजाई से पहले बीज उपचार करना आवश्यक होता है। बीज उपचार के बाद किसान को ध्यान रखना चाहिए कि उपचार के बाद गेंहूं में फूलाव जाता है। इसलिए बिजाई के समय किसान मशीन का एक नंबर ज्यादा खोल ले ताकि गेंहूं आवश्यक मात्रा में उससे निकल सकें।

बीजउपचार कैसे करें

किसानोंको चाहिए कि 40 किलो. गेंहूं में वे 60 एमएल क्लोरोपाइरीफॉस दो लीटर पानी लेकर मिला ले। उपरोक्त दवा मिलाने से पूर्व किसान गेंहूं को फर्श पर डाल ले। हाथों में रबर के दस्ताने पहने और दवा के घोल को अच्छी प्रकार से बिजाई की पहली शाम को गेंहूं में मिला ले। इसके उपरांत किसान 40 ग्राम रैक्सीन दवा इस उपचारित गेंहूं के बीज में मिला ले। बीज का उपचार करने के बाद बोई जाने वाली गेंहूं की फसल लूज समिट, करनाल बट जैसी अनेक बिमारियों से बची रहेंगी।