- Hindi News
- National
- चार गांवों की हर गली में रोने की आवाज सहमे बच्चे माताओं के आंचल में छिपे
चार गांवों की हर गली में रोने की आवाज सहमे बच्चे माताओं के आंचल में छिपे
जिनबच्चों को सुबह तैयार करके पढ़ने के लिए भेजा था, उन्हें खून से लथपथ देखकर परिजनों की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे। बस पर खून के धब्बे, बच्चों के बिखरे हुए बैग, टिफिन बॉक्स और किताबें भयानक हादसे की गवाही दे रहे थे। झज्जर-बहादुरगढ़ रोड पर मंगलवार सुबह डाबौदा गांव के नजदीक एक प्राइवेट और स्कूल बस की आमने-सामने की टक्कर के बाद मौके का यह मंजर था तो चार गांवों में मातम।
दुर्घटना का शिकार हुई माउंट व्यू पब्लिक स्कूल की बस में सवार गोयला कलां गांव की दो बेटियों सातवीं की छात्रा स्वीटी (13 साल) दसवीं की ज्योति (16 साल) की मौत हो गई, जबकि बाकी 39 विद्यार्थी घायल हो गए। स्कूल बस चालक धर्मवीर और प्राइवेट बस चालक के खिलाफ गैर इरादत हत्या का केस दर्ज किया गया। बस में चार गांव गोयला कलां, दुल्हेड़ा, खेड़का डाबोदा के बच्चे सवार थे। हादसे से सहमे घायल बच्चों को उनकी माताओं ने सीने से लगा लिया। हादसे के बाद पैरेंट्स इतना घबरा गए हैं कि बच्चों को बस से स्कूल भेजने के नाम से भी खौफ में हैं। लोग इतने सदमे में हैं कि शाम को किसी के गले से रोटी नीचे नहीं उतरी।
इलाज का खर्च देगी सरकार, जांच बाद उठाएंगे कदम
घायलोंके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। मृतकों के परिजनों की भी यथा संभव मदद की जाएगी। ड्राइवरों के अलावा स्कूल प्रबंधन की गलती भी सामने आई तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अनितायादव, डीसी झज्जर
हादसेमें दो बच्चों की मौत हो गई और 35 बच्चे जख्मी हुए हैं। स्कूल बस चालक ने ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की तो सामने से रही प्राइवेट बस से टक्कर हो गई। सुबह के समय कोहरा भी था। फिलहाल दोनों बस चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सुमितकुमार, एसपी
स्कूल प्रबंधन मौन
इतनीबड़ी घटना हो गई, लेकिन स्कूल प्रबंधन की तरफ से अधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया गया। हालांकि अस्पतालों में स्कूल प्रबंधन के तमाम लोग मौजूद रहे और घायल बच्चों के इलाज में सहयोग करते नजर आएं, लेकिन उन्होंने मीडिया से बात करने से मना कर दिया।
3 साल पहले मां की मौत
गोयलाकलांगांव में स्वीटी के प्रति गांव वालों की विशेष सहानुभूति देखने को मिली। स्वीटी की मां सुनील देवी का तीन वर्ष पूर्व हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया था। स्वीटी से छोटा उसका एक अन्य भाई पांचवीं में पढ़ने वाला 10 वर्षीय मोहित भी इसी बस में सवार था। संयोग से वह बच गया और उसे मामूली चोट आईं। वहीं, ज्योति की बहन ऋषिका भाई कमल भी बस में थे, उन्हें भी काफी चोट आई हैं।
5 मिनट पहले बदली सीट, तो बच गई जान
खेड़कानिवासी 11वीं की छात्रा जया ने बताया कि ड्राइवर तेज स्पीड से बस चला रहा था। मैं ज्योति की सीट पर बैठी हुई थी। डाबोदा गांव से पहले मेरी सहेली ने मुझे अपने पास बुला लिया। मैं उसके पास चली गई। पांच मिनट बाद ही अचानक एक तेज झटके के साथ बस में धमाका सा हुआ। किसी को कुछ समझ नहीं आया। होश संभला तो सबको खून से लथपथ पाया। सभी रो रहे थे, करहा रहे थे। मेरी नजर ज्योति पर गई तो वह बुरी तरह बसों के बीच फंसी हुई थी। सीट छोड़ने की वजह से मेरी जान बच गई, लेकिन अफसोस दो सहेलियों की जान चली गई।
मृतक छात्रा स्वीटी गांव गोयलाकलां।
मृतक छात्रा ज्योति गांव गोयलाकलां।