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मदद को लोगों ने नहीं रोके वाहन, रोडवेज बस ने सवारियां उतार घायलों को अस्पताल पहुंचाया

5 वर्ष पहले
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बहादुरगढ़ | दुर्घटनास्थलपर सबसे पहले बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने पहुंचकर बचाव कार्यों में हाथ बंटाया, लेकिन जब घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाने की बात हुई तो किसी भी वाहन चालक ने दरियादिली नहीं दिखाई और वे हादसा देखकर आगे बढ़ गए। तभी बहादुरगढ़ से बुपनिया जा रही रोडवेज बस के चालक दीपक कंडक्टर सोमवीर ने बच्चों को खून से लथपथ देखा तो उन्होंने बस की सवारियां वहीं उतार दीं और बच्चों को बस में बैठाकर अस्पताल ले आए। सोमबीर ने बताया कि उन्होंने मलबा हटाने का प्रयास किया ताकि बस में दबे बच्चों को बचाया जा सके।

डीसीने पूछा बच्चों का हालचाल : घायलबच्चों को दो अस्पतालों में पहुंचाया गया। डीसी अनीता यादव ने अस्पतालों में पहुंचकर सड़क हादसे में घायल छात्रों का हालचाल जाना तथा मेडिकल अधिकारियों को घायल छात्रों का इलाज करने के आदेश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार, एसडीएम प्रदीप कौशिक, सीएमओ डॉ. एसआर सिवाच, मेडिकल अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कादियान भी साथ रहे। सीएमओ डॉ. एसआर सिवाच ने बताया कि सड़क हादसे में 29 छात्र एक अस्पताल में उपचार के लिए पंहुचे थे, जिनमें से 24 को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। एक छात्रा को अभिभावक दिल्ली के निजी अस्पताल में उपचार के लिए लेकर गए हैं। सीएमओ ने बताया कि पांच छात्र तथा चार अन्य बस की सवारी नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे थे, जिनमें तीन छात्रों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई तथा गंभीर रूप से घायल दो छात्राओं को पीजीआईएमएस रोहतक रेफर किया गया है।

एसडीएमस्तर के अधिकारी करें जांच : इसदर्दनाक घटना पर संज्ञान लेते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एसडीएम स्तर के अधिकारी से जांच की बात कही है। आयोग के सदस्य बाल कृष्ण गोयल ने बताया कि इस संबंध में डीसी अनिता यादव से बात की गई है, जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही आयोग सभी स्कूलों के प्रिंसिपल प्रबंधकों की बैठक बुलाकर उन्हें सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के प्रति जिम्मेदार और सचेत रहने की हिदायत देगा। प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और बहादुरगढ़ के विधायक नरेश कौशिक ने भी हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है।

दुर्घटनामें ये हुए जख्मी : घायलोंमें आयुषी उसका भाई सागर, नेहा, दीप्ति, तृप्ति, दिपांशु, रोहित उसकी बहन रेनू, मुकेश, रितु, जया, सुमित, देवांश, दीपक, नरेंद्र, सिमरन, आकांक्षा, आर्यन, मोहित, रजनी, ऋषिका, कमल, दीपा, खुशी, अंजू, अमित, सुमित, आयुष, साहिल, आशीष उसकी बहन निकिता सोनिया, रजनेश, पार्थ और नीलम नाम की टीचर दो अन्य बच्चे निजी अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं। इसके अलावा ड्राइवर धर्मबीर, रामभज, दिलीप, ऋषिपाल जयपाल भी घायल हैं।

दुर्घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल, स्थिति संभालने का प्रयास करती पुलिस।

बस दुर्घटना में बेटी ज्योति की मौत पर विलाप करता पिता।

बहादुरगढ़ . दुर्घटनासे सहमे बच्चों को अस्पताल से घर ले जाते परिजन।

घायल बच्चों से जानकारी लेते एसपी सुमित कुमार।

बच्चों से मिलने पहुंचीं डीसी अनिता यादव।

बहादुरगढ़ . अस्पतालमें उपचार के बाद बैठे घायल बच्चे।

उपचार के बाद घायल बच्चों को घर ले जाती मां।

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