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कन्या यूं रोई रे गर्भ से पुकार के, माता क्यों कहावे री मैया बेटी को मार के

7 वर्ष पहले
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टाइगरक्लब परिवार की ओर से शनिवार रात विशाल दुर्गा पूजा महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। दुर्गा पूजा के तीसरे दिन मां चन्द्रघंटा की आराधना की गई जो की सफलता की पहली सीढ़ी का प्रतीक है। भजन संध्या के प्रारंभ होने से पूर्व पं. नारायण शास्त्री ने क्लब के सदस्यों द्वारा पूजा अर्चना कर मां की ज्योति प्रज्ज्वलित की। इसके बाद संगीत निर्देशक विकास निर्मल के निर्देशन में संदीप सांवरिया ने गणेश वंदना से कार्यक्रम का आगाज किया और अपने भजन कन्या यूं रोई गर्भ से पुकार के माता क्यों कहावे री मैया बेटी को मार के सुनाकर कन्या भ्रूण हत्या पर करारा व्यंग किया। इसके बाद दिल्ली से आए रतन आजाद ने मां का गुणगान करते हुए मात रंग चोला साजे, दुर्गा मेरी मां अम्बे है मेरी मां, चढ़ाउ तुझे चुनरी सितारों वाली तथा सांवरी सूरत पर मोहन दिल दीवाना हो गया सुनाकर भक्तों का मन मोहते हुए उन्हें झूमने पर विवश कर दिया। भजन संध्या का मंच संचालन हेमन्त जैन ने किया।

नारनेोल. दुर्गामहोत्सव में भजन गाते गायक कलाकार