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विकास के लिए महिलाओं की शिक्षा जरूरी : आर्य
लोकसंस्कृति संरक्षण प्रकोष्ठ के सौजन्य से ‘सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में महिलाओं का योगदान’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। शिव काॅलोनी नारनौल में संगोष्ठी में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए प्रकोष्ठ प्रभारी कृष्णा आर्य ने कहा कि समाज को विकास की दिशा में अग्रसर करने के लिए महिलाओं का सुशिक्षित तथा संस्कारित होना अति आवश्यक है।
उनके अनुसार कन्या भ्रूण हत्या जघन्य अपराध है तथा पुत्र की लालसा में कितनी ही अजन्मी बेटियों को मौत के घाट उतार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि माता पिता को बेटा-बेटी में भेदभाव करते हुए उन्हें सुरक्षित जन्म लेने का अधिकार देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें बेटियों को भी खूब पढ़ाना चाहिए क्योंकि पढ़ी लिखी बेटियां केवल पिता के घर को संवारती हैं बल्कि पति के घर की जिम्मेदारियों को भी बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं। इसके अतिरिक्त माताओं को बचपन से ही बेटियों के खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए तथा पौष्टिक आहार देना चाहिए ताकि आगे चलकर उन्हें एनीमिया खून की कमी जैसे रोगों से मुक्ति मिल सके।
दीए की तरह कर्तव्य का पालन करें
नारनौल | सैनीसीनियर सेकेंडरी स्कूल, नारनौल में मंगलवार को प्राचार्य नेतराम सैनी की अध्यक्षता में मानव निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता कप्तान जगराम आर्य ने बच्चों को दीपक की तरह अपने कर्तव्य का पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि दीपक स्वयं जल कर दूसरों को रोशनी प्रदान करता है। उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को हमेशा दूसरों के हितों को ध्यान में रख कर काम करना चाहिए। यही सच्ची मानवता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य वहीं कहलाता है तो मननशील, चिंतनशील एवं विचारशील हो। दूसरों के दुख-सुख में शामिल हो। न्यायकारी हो और धर्म में आस्था रखता हो। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं। इसलिए अच्छे संस्कारयुक्त अपनी मजबूत नींव डालें, ताकि वे समाज देश के नवनिर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य नेतराम ने मुख्य वक्ता का स्कूल में पधारने पर धन्यवाद किया।
नारनौल. महिलासंगोष्ठी को संबोधित करती कृष्णा आर्य