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9200 विद्यािर्थयों ने दी सड़क सुरक्षा की परीक्षा
पुलिसमहानिदेशक (हरियाणा पुलिस) के आदेशानुसार सड़क सुरक्षा परीक्षा का आयोजन किया गया। इस मौके पर अनेक स्कूलों में यह परीक्षा आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों से यातायात नियमों की पालना से संबंधित सवाल पूछे गए।
सीएल पब्लिक स्कूल नारनौल में तीन समूहों में यह परीक्षा हुई। इनमें कक्षा तीसरी से पांचवीं, छठी से आठवीं तथा कक्षा नौंवी से बारहवीं के ग्रुप शामिल थे। इसमें कुल 870 विद्यार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा के मौके पर प्राचार्य भारत भूषण यादव ने कहा कि भाग दौड़ की जिन्दगी को यातायात ने बड़ा सरल सुगम बना दिया है। परन्तु अगर वाहन चलाते समय यातायात के नियमों की जानकारी हो तो वह चालक के लिए बड़ी कठिनाई पैदा कर सकती है इसलिए विद्यार्थी जीवन से ही बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने सावधानीपूर्वक वाहन चलाने के लिए जागरूक करने की आवश्यकता है, क्योंकि आज 16 वर्ष की आयु से ही बच्चे दुपहिया वाहन चलाना शुरू कर देते है। संस्था के प्रबंध निदेशक डॉ अमित गुप्ता ने भी बच्चों से यातायात के नियमों को तोड़ने तथा सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय वाहन का रजिस्ट्रेशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस साथ रखे तथा हेलमेट अवश्य पहने।
दुबलानामें भी दिखाई बच्चों ने अपनी प्रतिभा
एमडीविद्या निकेतन, दुबलाना में बुधवार विद्यालय के चेयरमैन दयानंद यादव की देखरेख में तीन वर्गों (प्राथमिक, जूनियर सीनियर) में आयोजित की गई। इसमें 300 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रवक्ता अतर सिंह ने बताया कि इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरुक करना है। इस अवसर पर प्रमोद देवी, सुमन देवी, पुष्पा देवी, संध्या देवी, पूजा यादव, प्रवीण कुमार, बाल सिंह, महेंद्र सिंह, योगेश कुमार, अनिल कुमार सुषमा यादव समेत स्कूल स्टाफ के सभी सदस्य उपस्थित थे।
वहीं ढाणी किराडोद के गुरु द्रोणाचार्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सड़क सुरक्षा परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा के दौरान बच्चों को यातायात नियमों से संबंधित प्रश्न पत्र हल करने के लिए दिया गया। परीक्षा के संचालक रोहताश सैनी ने बताया कि सड़क सुरक्षा परीक्षा सरकार का सराहनीय प्रयास है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी मिलती है। इससे छात्रों के साथ होने वाली सड़क दुर्घटनाओं मे