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गोरक्षा और साधू-संतों की सेवा प्राचीन संस्कृति : धर्मशरण महाराज

7 वर्ष पहले
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नारनौल|युवा संगठनके तत्वावधान में मोहल्ला सलामपुरा में चल रही भागवत कथा में शनिवार को धर्मशरण महाराज ने भक्तों को धर्म के प्रति जागरूक किया।

उन्होंने प्रवचन करते हुए कहा कि गौरक्षा साधू-संतों की सेवा हमारी प्राचीन संस्कृति एवं धर्म है। इसलिए धर्म की रक्षा करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं में असंभव कार्य को भी संभव कर दिखाने की ताकत है। इसलिए युवा वर्ग अपनी ताकत को पहचान कर धर्म की रक्षा करने के लिए आगे आए। इस मौके पर कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय की झांकियां प्रस्तुत की। भागवत कथा में संगठन के प्रधान सुभाषचंद, सूर्यप्रकाश, पप्पू आढ़ती, रामजीलाल, श्रीराम, बिहारीलाल, नत्थूराम, बनवारीलाल, चेतन मिस्त्री, नरेश सैनी, चतर सिंह गोदाराम समेत सैकड़ों भक्तजन उपस्थित थे।