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बिजली निगम कर्मचारियों के लिए नहीं कोई ड्यूटी शेड्यूल
कहनेको तो हरियाणा बिजली वितरण निगम में फैक्ट्री एक्ट लागू है, लेकिन हकीकत में बिजली निगम कर्मचारियों के लिए कोई ड्यूटी शेड्यूल लागू नहीं है। इसके चलते टेक्नीकल कर्मचारियों को बिना साप्ताहिक अवकाश लिए 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है। इससे बिजली कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि बिजली विभाग को जब से निगम के अंडर दिया है, तब से निगम में फैक्ट्री एक्ट लागू है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। बिजली निगम में क्लेरिकल स्टाफ को छोड़ कर अन्य कर्मचारियों अधिकारियों पर कोई ड्यूटी शैड्यूल लागू नहीं है। इसके चलते बिजली कर्मचारियों को 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है। इतना ही नहीं, उन पर साप्ताहिक अवकाश भी लागू नहीं किया जाता है।
हालांकि, कहने को तो टेक्नीकल कर्मचारियों की ड्यूटी सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक की है तथा क्लेरिकल स्टाफ की ड्यूटी सुबह 9 से शाम बजे तक होती है, लेकिन टेक्नीकल कर्मचारियों को अपनी 8 घंटे की ड्यूटी कर घर पहुंचने के बाद लाइन में फाल्ट आने पर उसे ठीक कर बिजली सप्लाई चालू करने के लिए पुन: वापस आना पड़ता है। यदि रात्रि 12 बजे भी बिजली सप्लाई फेल हो गई और उसे चालू करना जरूरी है तो रात्रि को भी कर्मचारियों को मौके पर पहुंच कर काम करना होगा। समस्याओं को लेकर कई बार निगम के उच्चाधिकारियों सरकार शिकायत पत्र सौंप कर ड्यूटी शेड्यूल साप्ताहिक अवकाश लागू करने का आग्रह कर चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे बिजली कर्मचारी खासे परेशान हैं।
बिजली निगम के शेड्यूल के अनुसार टेक्नीकल कर्मचारियों की ड्यूटी सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। जबकि क्लेरिकल कर्मचारियों की ड्यूटी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक निर्धारित है, लेकिन टेक्नीकल कर्मचारियों को बिजली सप्लाई बाधित होने पर पुन: ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है। चाहे वह अपनी 8 घंटे की ड्यूटी कर एक घंटे पहले ही घर क्यों नहीं गया हो। कोई भी कर्मचारी दोबारा ड्यूटी करने से मना नहीं कर सकता। ऐसे में कहा जा सकता है कि टेक्नीकल कर्मचारियों को 24 घंटे की ड्यूटी होती है। -हनुमानसिंह यादव, एसडीओ,बिजली वितरण निगम, नारनौल।
कोई घटना होने पर टेक्नीकल कर्मियों पर दर्ज होता है मुकदमा
बिजलीनिगम के नियमानुसार यदि बिजली का करंट लगने से कहीं भी कोई जान-माल की हानि हो जाती है तो सबसे