पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • डीईओ कार्यालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना

डीईओ कार्यालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हरियाणाराज्य चतुर्थ श्रेणी स्कूल पार्ट टाईम कर्मचारी जिला शिक्षा अधिकारी को दिया गया अल्टीमेटम समाप्त होने पर गुरुवार से डीईओ कार्यालय के गेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे पार्ट टाईम कर्मचारियों का आरोप था कि जिले में शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी के 436 पद स्वीकृत हैं। जिन पर 2003 की पालिसी के तहत सीनियारिटी लिस्ट में शामिल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अगस्त महीने में नियमित करना था, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी संतोष तंवर की हठधर्मिता के चलते 14 अगस्त को इन पदों पर केवल 57 कर्मचारियों को नियमित किया गया है। शेष 379 कर्मचारी पिछले चार महीने से नियमित करने की मांग को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी उन्हें उनकी फाइलों में कमी बता कर जानबूझ कर नियमित नहीं कर रही हैं। इससे पार्ट टाइम कर्मचारियों में भारी रोष है।

पूरीफाइल जमा करवाने के बावजूद भी नहीं नियमित

धरनेपर बैठे पार्ट टाईम कर्मचारी राजेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, गजानंद, राजसिंह, मामचंद, कैलाशचंद, राजकुमार, हवा सिंह, धर्मपाल, ओमप्रकाश, जयसिंह, सरोज, गायत्री, सुमन, कलावती, विजय, मंजू, सुशीला, सुनीता, बर्फी, विक्रम ताज देवी आदि ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार वे 4 से 5 बार सभी दस्तावेजों सहित अपनी पूरी फाइल डीईओ कार्यालय में जमा करवा चुके हैं, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी जानबूझ कर उन्हें नियमित नहीं कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पार्ट टाइम कर्मचारियों ने गत 4 दिसंबर को उपायुक्त जिला शिक्षा अधिकारी को अलग-अलग ज्ञापन सौंप कर 10 दिसंबर तक उनकी समस्या का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन 10 दिसंबर तक डीईओ प्रशासन ने उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया। अल्टीमेटम समाप्त होने पर चतुर्थ श्रेणी पार्ट टाइम कर्मचारियों ने 11 दिसंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि नियमित होने तक उनका धरना जारी रहेगा।

डीईओ द्वारा गठित कमेटी पर भी सवाल

हरियाणाराज्य चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान सुजान सिंह ने कहा कि पार्ट टाइम कर्मचारियों की फाइलों की जांच करने के लिए एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी डीईओ के इशारे पर काम कर रही है। जिस प्रकार डीईओ बोलती है, कमेटी में शामिल अधिकारी भी उनकी हां में हां मिला देते हैं।