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अब छात्रवृति भी जुड़ेगी आधार लिंक से

6 वर्ष पहले
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शिक्षण संस्थानों को सभी लाभ राशिऑनलाइन खाते में स्थानांतरित करने के आदेश।
नारनौल। भ्रष्टाचार पर लगाम : अब निजी सरकारी शिक्षण संस्थान किसी भी स्तर पर विद्यार्थियों की छात्रवृति में हेराफेरी नहीं कर सकेंगे। यह सब संभव हो सकेंगा, प्रदेश शिक्षा विभाग की आधार कार्ड लिंक करने की नई योजना से। अब केन्द्र प्रदेश सरकार ने सभी शिक्षण विभागाध्यक्षों को विद्याथिर्यों को मुहैया करवाई जाने वाली सभी छात्रवृत्तियों को उनके ऑनलाइन खाते में स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए है। बैंक खाता आधार कार्ड का लिंक होने के कारण जहां छात्रवृति के भुगतान में पारदर्शिता आएगी, वहीं इसमें अनावश्यक देरी भष्ट्राचार पर भी लगाम लग सकेगी।

एकही वजीफे का लाभ : पहले जहां कई विद्यार्थी अक्सर सरकारी प्राईवेट शिक्षण संस्थानों के मुखियाओं से मिलीभगत करके एक से अधिक छात्रवृति के आवेदन करके वजीफा हासिल कर लेते थे। अब आधार कार्ड लिंक होने के बाद से पूरे देश में एक समय में एक ही छात्रवृति ली जा सकती है।

छात्रोंकी परेशानी बढ़ी : बैंकखाता आधार कार्ड का लिंक होने के कारण कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों की मुश्किल काफी हद तक बढ़ भी गई है। कई शिक्षण संस्थान अनुसूचित जाति पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को केवल छात्रवृति की एवज में ही दाखिला दे देते थे। ऐसे शिक्षण संस्थान विभिन्न विभागों से मिलने वाली छात्रवृति स्वयं डकार लेते थे। लेकिन अब छात्रवृति बैंक खाते में जाने के कारण दाखिला, फीस संबंधी अन्य मद में नकद राशि की मांग करने लगे हैं।

'' सभी राजकीय स्कूलों शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ छात्रवृति के लाभ की राशि सीधे उनके खाते में दी जा रही है। विद्यार्थियों के आधार कार्ड और बैंक खातों का लिंक करवा दिया गया है। ''- संतोष तंवर, डीईओ, नारनौल।

फर्जी दाखिले पर रोक लगेगी :
कईराजकीय शिक्षण संस्थान ऐसे विद्यार्थियों का दाखिला भी अपने शिक्षण संस्थानों में दिखा देते थे जो निजी शिक्षण संस्थानों में अध्ययन प्राप्त करते थे। उच्चतर शिक्षा निदेशालय तकनीकि शिक्षा परिषद के पास सैकड़ों मामले ऐसे है, जिनमें राजकीय प्राईवेट शिक्षण संस्थानों के संचालक छात्रवृति की राशि में गोलमाल कर लेते थे। लेकिन अब आधार कार्ड से लिंक होने के कारण विद्यार्थियों की छात्रवृति में कोई धांधली नहीं हो सकेगी