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पहले चरण के विजेता खिलाड़ियों को आज भी मौका

6 वर्ष पहले
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लक्ष्य के लिए छलांग

बॉल थ्रो, निशाने पर अंक

खेलएवं युवा कार्यक्रम विभाग ने स्पीड (स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एक्सरसाइज इवेल्यूएशन एंड डेवलपमेंट) टेस्ट में स्कूल स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं का सोमवार को नेताजी सुभाषचन्द बोस स्टेडियम, नारनौल में द्वितीय चरण का टेस्ट लिया। सुबह 11 बजे शुरु हुए इस स्पीड टेस्ट में प्रथम दिन नारनौल निजामपुर खंड 200 खिलाडियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई।

जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी एस के झा ने बताया कि विभाग ओर से चलाई जा रही स्पीड खेल योजना के दूसरे चरण आज 200 खिलाड़ियों ने बारी-बारी से 6 टेस्ट दिए। आज सर्व प्रथम खिलाड़ियों का 30 मीटर फ्लाइंग रन टेस्ट लिया गया। इसके बाद स्टैंडिंग जंप, मेडिसन बाल, 6 गुणा 10 मीटर शटल रन, फारवर्ड बैंड एवं रिच तथा 800 मीटर दौड़ का आयोजन किया गया। इन सभी टेस्टों में खिलाडिय़ों ने पूरे जोश के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई। स्पीड टेस्ट के दौरान पूरी तरह पारदर्शिता बरतने के लिए मैदान में खिलाडिय़ों बाहर से आए कोच को उपस्थित रहने की अनुमति थी।

येदस्तावेज लेकर स्टेडियम पहुंचे खिलाड़ी

9फरवरी को नारनौल निजामपुर के किसी कारण से अनुपस्थित रहे प्रथम चरण के विजेता खिलाडिय़ों को 10 फरवरी टेस्ट देने का मौका दिया जाएगा। आज किसी कारण से अनुपस्थित रहे खिलाड़ी जन्म प्रमाण पत्र सहित जरूरी कागजात विद्यालय के मुखिया से सत्यापित करवाकर लाएं। कागजों पर खिलाड़ी का फोटो भी सत्यापित होना आवश्यक है। सभी खिलाड़ी सुबह बजे तक नेता जी सुभाष चन्द्र बोस स्टेडियम नारनौल में रिपोर्ट करें।

जन्मप्रमाण पत्र की शर्त से बच्चे टेस्ट देने से वंचित : पीटीआईसंतराम ने बताया कि स्पीड का प्रथम चरण का टेस्ट स्कूल स्तर पर लिया गया था। इसलिए बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आज शुरु हुए स्पीड के दूसरे चरण के टेस्ट में प्रथम चरण के चयनित खिलाडिय़ों को अपना जन्म प्रमाण पत्र साथ लेकर आना अनिवार्य किया गया था, लेकिन द्वितीय चरण का टेस्ट देने आए अनेक बच्चों के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं थे। ऐसे बच्चों से जब उनका जन्म प्रमाण पत्र लेकर आने को कहा गया तो बच्चों का कहना था कि उनके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं हैं। ऐसे में प्रमाण पत्र के अभाव में अनेक बच्चे द्वितीय चरण का टेस्ट देने से वंचित रह गए।