आत्मनिर्भर बने महिलाएं : नरेश
हरकोफैडद्वारा पंचायत भवन में महिला सशक्तिकरण सहकारिताओं के माध्यम से गुरुवार को एक सेमिनार किया गया। इसमें केंद्रीय सहकारी बैंक रेवाड़ी के कार्यकारी अधिकारी नरेश तंवर मुख्य अतिथि थे। सेमिनार में जिले की सहकारी संस्थाओं/ समितियों में कार्यरत महिलाओं, पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया।
तंवर ने कहा कि सहकारी आंदोलन का विकास तभी संभव है, जब महिलाएं इसमें बढ़-चढ़ कर भाग लें सरकार तथा सहकारी विभाग द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाते हुए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर आत्मनिर्भर बने। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि इस समय हरियाणा में 1580 दुग्ध उत्पादक समितियां है, जिनका प्रबंधन केवल महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। इन समितियों के प्रधान से लेकर सचिव तक सभी पदों पर महिलाएं काम कर रही है तथा इसकी सदस्य संख्या 55 हजार से अधिक है। उन्होंने हरियाणा में महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की तथा साथ ही महिलाओं को जागरूक करने के लिए हरकोफैड द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की सराहना की।
सहकारी आंदोलनों में महिलाओं की भागीदार की जानकारी दी
नाबार्डउप-जिला प्रबंधक डीडीएम राजेंद्र सिंह यादव ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए बैंक द्वारा महिलाओं के आर्थिक विकास हेतु बैंक की ऋण अन्य स्कीमों के बारे में बताया। संदीप कुमार ने दुग्ध उत्पादन हेतु महिला समितियों के गठन बारे दुग्ध समितियों के कार्य आर्थिक विकास में इनके योगदान बारे जानकारी दी। आरएस नांदल ने सहकारी आंदोलनों में महिलाओं की भागीदारी बारे जानकारी दी। इस मौके पर हरकोफैड के सहायक शिक्षा अधिकारी जगदीश चंद्र ने हरकोफैड द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए सेमिनार की उपयोगिता के बारे में बताया।
नारनेोल. पंचायतभवन में हरकोफेड महिला सहकारी सेमिनार में महिलाएं सम्मानित करते हुए नरेश तंवर।