डिजिटलाइज्ड हुए 92 प्रतिशत राशन कार्ड
मुकेश कुमार सैनी | महेंद्रगढ़
महेंद्रगढ़जिले में राशन कार्डों का डिजिटलाइजेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक महेंद्रगढ़ जिले में 92 प्रतिशत उपभोक्ताओं के कार्डों का डिजिटलाइज्ड हो चुका है। विभाग के अनुसार शीघ्र ही शेष 7 हजार कार्डों का भी डिजिटलाइज्ड का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद उपभोक्ता अपने राशन संबंधित जानकारी ऑन लाइन देख सकेंगे।
प्रदेश सरकार ने राशन वितरण में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को राशन कार्डों के डिजिटलाइजेशन के आदेश दिए थे। जिसके तहत विभाग ने दिसंबर माह से इस प्रकिया को शुरू कर दिया था। राशन कार्ड की सभी कैटेगरी को इसमें जोड़ा जा रहा है। प्रकिया शुरू किए जाने से पहले विभाग के अधिकारियों ने राशन कार्डों का सर्वे कर उपभोक्ताओं की कैटेगरी पात्रता के हिसाब से निर्धारित की थी।
जिले में विभिन्न कैटेगरी के
91579 उपभोक्ता
महेंद्रगढ़जिले में एएवाई, बीपीएल तथा ओपीएच कैटेगरी के 91579 उपभोक्ता है, जिनमें से एएवाई के 17198 कार्ड धारक, बीपीएल के 32280 कार्ड धारक तथा ओपीएच के 42101 कार्ड धारक है। जिनमें से लगभग 84 हजार कार्डोंं का डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है तथा 7 हजार कार्डो का इस प्रक्रिया से जुड़ना शेष है। इसके बाद विभाग के अधिकारी डिजिटलाइजेशन किए गए कार्डों का वेरिफिकेशन करेंगे तथा इसके बाद सभी कार्डों का रिकॉर्ड ऑन लाइन कर दिया जाएगा।
डिजिटलाइजेशन का लाभ
}डिपो होल्डर राशन वितरण में अनियमितताएं नहीं बरत सकेंगे।
}सरकारी राशन के दुरुपयोग पर रोक लगेगी वितरण में पारदर्शिता आएगी।
}उपभोक्ताओं को पात्रता के अनुसार मिलेगा राशन।
}अपात्र उपभोक्ताओं की होगी छंटनी
}कार्ड धारक ऑन लाइन देख सकेंगे राशन का रिकार्ड।
}पात्र लोगों को पूरा राशन मिलेगा।
^इस प्रक्रिया से सिस्टम में पारदर्शिता आएगी। पूरा डाला ऑन लाइन होगा। सरकारी राशन का लाभ लेने वाले अपात्र लोगों पर रोक लगेगी। इस प्रक्रिया से सभी कार्ड धारकों को जोड़ने का कार्य चल रहा है। 84 हजार उपभोक्ताओं के कार्ड डिजिटलाइजेशन किए जा चुके हैं। शेष को भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। पात्र कार्ड धारकों के लिए सरकार की यह योजना काफी कारगर सिद्ध होगी। -केके बिश्नोई, डीएफएससी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, नारनौल