रजिस्टर से गृह प्रसूतियों पर रहेगी नजर
स्वास्थ्यविभाग ने गिरते लिंगानुपात मातृत्व एवं शिशु मृत्यु को गंभीरता से लेते हुए आरसीएच रजिस्ट्रर लागू किया है। इसके बारे में जिले के सभी ब्लॉकों के स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण कार्य पूरा हो गया है।
यह जानकारी देते हुए दिलबाग श्योराण, जिला मूल्यांकन एवं निरीक्षण अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग नारनौल ने बताया कि इस रजिस्ट्रर मे प्रत्येक योग्य दंपत्ति को दर्ज किया जायेगा, जिसका हर माह गर्भधारण पक्षण होगा तथा गर्भधारण करते ही स्वास्थ्य विभाग उनको अपनी निगरानी मे उचित स्वास्थ्य जांच देना चालू कर देगा। इससे जिन दंपत्तियों की मंशा लिंग परीक्षण करवाने की है उन पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी तथा हर गर्भवती महिला जिसमें खतरे के लक्षण हैं उनको भी उच्य स्वास्थ्य संस्था पर रैफर कर इलाज दिलवाया जाएगा। इस रजिस्ट्रर से जिले में हो रही गृह प्रसूतियों पर भी नजर रखी जा सकेगी क्योंकि गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान ही घर पर होने वाली डिलीवरियों द्वारा महिला बच्चे को संभावित खतरों के बारे मे बता दिया जायेगा। नवजात शिशु को लगने वाले जन्म पर टीकों का विवरण भी इस रजिस्ट्रार मे रखा जाएगा। जिससे सभी बच्चों को टीकाकरण कर जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकेगा।
परिवार कल्याण के तहत दंपत्तियों को हर माह संपर्क साध कर शादी के बाद पहले बच्चे मे अन्तर सभी बच्चों के जन्म मे कम से कम तीन साल का अंतर हो यह भी इसी रजिस्ट्रार से सुनिश्चित किया जा सकेगा। डिलिवरी के बाद पीपीआईयुसीडी लगवाने इच्छुक दंपत्ती नसबंदी करवाने बारे मे रजिस्ट्रार मे मोटिवेट किया जा सकेगा। बच्चों के टीकाकरण का संपूर्ण ब्योरा इस रजिस्ट्रार मे दर्ज होगा।
रजिस्टर में दर्ज सूचनाएं होगी इंटरनेट पर
रजिस्टरमे दर्ज सूचनाओं को प्रतिदिन सूचना सहायकों दारा इंटरनेट पर दर्ज किया जायेगा, जिस सूचना को स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ हरियाणा सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्वास्थ्य विभाग भारत सरकार भी नजर रखेगा। उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, एलएचवी, एचआई, सूचना सहायक चिकित्सा अधिकारियों को इस रजिस्ट्रार बारे ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ऐसा करने के पश्चात दी जाने वाली सभी स्वास्थ्य सेवाओं का अवलोकन भारत सरकार एवं हरियाणा सरकार के द्वारा किया जा सकेगा तथा लिंग परीक्षण के साथ-साथ मातृत्व एवं शिशु मृत्यु मे भी भारी कमी आएगी।