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दो माह पहले 6 वाशिंग प्लांट तोड़े, अब तीन और बढ़ गए
बिजली कनेक्शन काटे, सामान किया जब्त
अवैध बजरी वाशिंग प्लांटों पर ऐसे चली कार्रवाई
माफिया के हौसले बुलंद, प्रशासन के बार-बार तोड़ने के बाद फिर चालू कर लिए जाते हैं प्लांट
सतीशयादव |नारनौल
बजरीवॉशिंग प्लांटों को प्रशासन द्वारा तोड़ना माफिया द्वारा उनको दुबारा चालू करना, यही खेल हर बार खेला जा रहा है। बजरी वॉशिंग प्लांट लगाने से लेकर संचालन तक की संपूर्ण प्रक्रिया गैर कानूनी है। फिर भी संचालकों के खिलाफ ऐसी कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही कि वे दोबारा यह दुस्साहस नहीं कर सकें। यही सवाल हर बार उठता है।
माफिया के हौसले बुलंद ही कहे जाएंगे कि 7 दिसंबर को प्रशासन ने गांव रामबास में इसी स्थान पर 6 बजरी वॉशिंग प्लांटों को तोड़ा था। दो महीने का ही समय बीता है कि यहां 6 की बजाए 9 प्लांट लग गए और प्रशासन को फिर इसी स्थान पर प्लांटों को तोड़ने के लिए आना पड़ा। इसके लिए केवल समय बल्कि काफी खर्च भी उठाना पड़ा। बुधवार को जब प्रशासनिक अमला कार्रवाई को अंजाम दे रहा था तो कुछ ग्रामीण चर्चा कर रहे थे कि अगर दो महीने पहले ही इनका ‘गंड्डा’ बांध दिया जाता तो आज यह नौबत नहीं आती।
पहलेही लग जाती है भनक : माफियाका सूचना तंत्र इतना मजबूत गहरा है कि उसको प्रशासनिक गतिविधियों की पहले ही भनक लग जाती है। तभी तो बुधवार को प्लांट संचालक अपने कीमती सामान जैसे जनरेटर, मोटर आदि को कार्रवाई से पहले ही उठा ले गए। मौके पर वहीं सामान मिला जो उठाया नहीं जा सकता था या फिर माफिया को उम्मीद थी कि प्रशासन इसको नहीं उठाएगा।
दोहनहमारा, पैसा जा रहा राजस्थान
भूमिके दोहन सहित बिजली, पानी आदि बर्बादी हमारी हो रही है। जबकि पैसा जा रहा है राजस्थान में। वो इसलिए कि माफिया बजरी सप्लाई के लिए बजरी को वैध दिखाने के लिए राजस्थान की रायल्टी पर्ची कटवाते हैं। यह पर्ची 300 और 400 रुपए की होती है, लेकिन इसके लिए प्रति ट्रक 3 से 4 हजार रुपए तक वसूले जाते हैं। इस तरह से माफिया दोहन तो जिले का कर रहा है आमदनी राजस्थान में जा रही है।
पानी सप्लाई करने वाले ट्यूबवेलों के काटे जाएं कनेक्शन
नामनहीं छापने की शर्त गांव के ही लोगों ने बताया कि इस गौरखधंधे में गांव के ही कुछ लोग शामिल हैं। वे लोग अपने कुओं से केवल पानी बल्कि बिजली भी प्लांटों को बेचते हैं। इसके लिए भूमिगत पाइप लाइन बिजली केबलें बिछाई हुई हैं। इनकी पहचान कर उनके कनेक्शन काटकर ठोस कार्रवाई की जाए। ताकि दुबारा हिम्मत ना जुटा पाएं। गांव की सरपंच कमला देवी के पति शेर सिंह का भी कहना है कि माफिया यहां हावी है। अवैध बजरी वॉशिंग प्लांटों के कारण यहां पानी बिजली की व्यापक पैमाने पर बर्बादी हो रही है।