अभियान का असर खत्म, अतिक्रमण शुरू
जिलाप्रशासन द्वारा एक महीने पहले चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान का असर अब खत्म सा होता दिख रहा है। बुधवार शहर के रेवाडी रोड, महेंद्रगढ रोड सिंघाना रोड पर रेहडी वालों का जमावडा बना रहा। तो नगर परिषद और ही एसडीएम की ओर से इन्हे हटाने के लिए कार्रवाई की गई, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने राजमार्गों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हुए हैं।
जिला प्रशासन ने अदालत के आदेशों की पालना करते हुए 13 जनवरी को अतिक्रमण हटाओ अभियान प्रारंभ किया था। दो दिन तक सुबह सवेरे शुरू किए गए अभियान का व्यापक असर दिखाई दिया। शहर से गुजरने वाले तीनों प्रमुख राजमार्ग भी खुले नजर आए। प्रशासन ने इन प्रमुख सडकों से हटाए गए रेहडी खोमचे वालों को पुरानी कचहरी में नई रेहडी मार्केट बनाकर वहां पटरी बाजार लगाने की व्यवस्था दी थी। अतिक्रमण मुक्त अभियान के मौके पर डीसी अतुल कुमार ने कहा था-सड़क किनारे किसी भी कीमत पर रेहड़ी नहीं लगने देंगे। रेहड़ी लगानी है तो पुरानी कचहरी मैदान में लगाओ। वहां प्रशासन की तरफ से जो मदद हो सकेगी वह हर संभव दी जाएगी।
कलकरेंगे कार्रवाई
इससंबंध में जब नगर परिषद के सचिव संजय यादव से बात की गई तो उनका मानना था कि पिछले दो-तीन दिन से प्रशासन अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं चला रहा है। उन्होंने माना कि रेहडियों को सड़क से हटाना जरूरी है। ऐसे करने पर अदालत के आदेशों की अवमानना का मामला बनता हैं। सचिव ने कहा कि गुरुवार से नियमित तौर पर यह अभियान चलाया जाएगा।
ये है वैंडर पॉलिसी
इसपॉलिसी के तहत किसी भी मेन रोड पर जाम की स्थिति बने इसलिए मुख्य मार्गों पर रेहडी लगाना वर्जित है। इसके लिए प्रत्येक शहर में ऐसे वेंडरों के लिए सर्वे करने के बाद सभी रेहडी खोमचे वालों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध करवाना, उन सबका 100 रुपए राशि लेकर आजीवन पंजीकरण करना, एक बार पंजीकरण होने के बाद उसका लगातार जारी रखना या परिवार के अन्य सदस्य के नाम ट्रांसफर करना जैसे नियम लागू होते हैं।
ये हैं सुप्रीम कोर्ट के आदेश
हॉकररूलस ऑफ बीएमसी मामले में जारी किए निर्देशों के अनुसार किसी भी राजमार्ग पर सडक के एक तरफ 13 मीटर दूरी तक किसी भी प्रकार का कोई अतिक्रमण नही किया जा सकता। उसके बाद ही रेहडी लगाई जा सकती हे। रेहडी के लिए भी कम से कम 8 मीटर की जगह होनी चाहिए। इसमें 3 मीटर रेहडी खडी होने की जगह, एक मीटर खरीददार के लिए स्थान, उसके बाद 2 मीटर राहगीरों के आवागमन की जगह, उसके अलावा 2 मीटर पार्किंग का स्थान। ऐसा करके सडक के एक तरफ कुल 21 मीटर जगह होनी चाहिए। नारनौल के तीनों प्रमुख राजमार्गों पर 90 से 95 फिट की चौडा़ई बनती है। इस लिहाज से यहां रेहडी लगाना अतिक्रमण की श्रेणी में आता है।
^राजमार्गों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए पहले भी अभियान चलाया गया था, इसे आगे भी जारी रखेंगे। रेहड़ी-खोमचे वालों के लिए पुरानी कचहरी में मैदान को समतल करवाकर वहां आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर दी गई है। जरूरत के मुताबिक और भी सुविधाएं वहां करवाई जाएंगी। रोहितयादव, सीटीएम नारनौल।
नारनौल. सिंघाणारोड पर दोबारा लगी रेहड़ियां। गर्ल्स आईटीआई के सामने भी रेहड़ियों का अतिक्रमण।