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शिक्षकों को तुरंत रिहा कर विभाग में मर्ज करने की मांग

6 वर्ष पहले
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आल इंडिया यूटीयूसी के जिला सचिव कामरेड सुभाष चंद ने कहा कि सरकार ने मांगों को लेकर पंचकूला में शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे कंप्यूटर टीचरों की गिरफ्तारी करवा आंदोलन को दबाने का प्रयास किया है। आल इंडिया यूटीयूटी इसकी कड़ी निंदा करती है।

उन्होंने कहा कि जब चुनाव के पूर्व भाजपा को वोट की जरूरत थी, जब प्रो. रामबिलास शर्मा ने धरने पर बैठे कंप्यूटर टीचरों को संबोधित कर सत्ता में आने पर पहली ही कमल से उन्हें पक्का करने की बात कही थी।

अब सत्ता में आने और प्रदेश के शिक्षा मंत्री बनने के बाद कंप्यूटर टीचरों को शिक्षा विभाग में समायोजित करने की बजाय भ्रष्ट कंपनियों के हाथों बिक कर उनके भविष्य के साथ

खिलवाड़ कर रहे हैं। इतना ही नहीं, सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे कंप्यूटर टीचरों के आंदोलन को लाठी के जोर पर दबाया जा रहा है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस भाजपा मौसेरे भाई हैं। इसी का परिणाम है कि दिल्ली की जनता ने विधानसभा चुनाव में भाजपा कांग्रेस दोनों को नकार दिया। हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच के राज्य महासचिव मास्टर सूबेसिंह ने पंचकुला में शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे कंप्यूटर टीचरों की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की।

सरकार कंप्यूटर टीचरों को तुरंत रिहा कर उन्हें शिक्षा विभाग में समायोजित कर उनका आंदोलन समाप्त करवाए। कर्मचारियों को गिरफ्तार कर उनके आंदोलन को नहीं दबाया जा सकता।

सिक्योरिटी के तौर पर कंप्यूटर टीचर के जमा किए गए 24 हजार रुपए की राशि तथा प्रशिक्षण देने के नाम पर जमा किए गए 2250 रुपए तुरंत प्रभाव से वापस दिए जाएं। गिरफ्तार किए गए कंप्यूटर टीचरों को तुरंत रिहा नहीं किया गया और जायज मांगों को पूरा नहीं किया तो 26 फरवरी को प्रदेश के कर्मचारी वर्ग जिला मुख्यालयों पर सामूहिक गिरफ्तारी देंगे।