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एसी बस में करने जा रहे हैं सफर तो पहले जान लीजिए किराए के बारे में

9 वर्ष पहले
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बल्लभगढ़. हरियाणा रोडवेज की लो फ्लोर एसी और सामान्य बसों के किराए में भारी अंतर के कारण सर्दियों के मौसम में अधिकांश एसी लो फ्लोर बसें खाली दौड़ रही हैं। यात्रियों ने एसी बसों के किराए में कमी करने की मांग परिवहन विभाग से की है।

दैनिक यात्रियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या के मुकाबले बसों की संख्या काफी कम है। यदि सर्दियों में एसी बसों को सामान्य बसें बना कर चलाया जाए तो जहां सरकार को राजस्व का लाभ होगा वहीं यात्रियों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।


खाली दौड़ रहीं बसें: रोज राजा नाहर सिंह बस अड्डे से चलने वाली एसी बसें किराया अधिक होने के कारण लगभग खाली दौड़ रही हैं। फरीदाबाद व बल्लभगढ़ से रोज हजारों की संख्या में दैनिक यात्री दिल्ली, नोएडा व गुडग़ांव के लिए सफर करते हैं।

सर्दियों के मौसम में अधिकतर ट्रेनें लेट हो जाती हैं, जिसके कारण दैनिक यात्री बसों का रुख करते हैं। ऐसे में यात्रियों की संख्या अधिक हो जाती है और बसों की संख्या इन यात्रियों के मुकाबले कम रह जाती है। डिपो में एसी लो फ्लोर बसों की संख्या 45 है जबकि सामान्य बसें करीब 180 हैं।


दूने से ज्यादा अंतर: रोडवेज अधिकारियों के अनुसार राजा नाहर सिंह बस अड्डे से यात्रियों की सबसे अधिक संख्या बल्लभगढ़-दिल्ली और बल्लभगढ़ से गुडग़ांव की है।

लो फ्लोर एसी बसों में बल्लभगढ़ से दिल्ली 45 किलोमीटर जाने के लिए यात्री को करीब 75 रुपए देने पड़ते हैं, जबकि सामान्य बस में यात्री को केवल 37 रुपए ही देने पड़ते हैं।

वहीं बल्लभगढ़ से गुडग़ांव 50 किलोमीटर का सफर तय करने वाले यात्रियों को लो फ्लोर एसी बस में 70 रुपए देने पड़ते हैं। जबकि सामान्य बस में 35 रुपए देने पड़ते हैं।


क्या कहते हैं यात्री: बसों में सफर करने वाले दैनिक यात्री मनीष, दीपक, संजीव और अमृतपाल का कहना है कि यदि वह लो फ्लोर एसी बस में बल्लभगढ़ से ओल्ड फरीदाबाद जाते हैं, तो उन्हें 10 किलोमीटर के करीब 35 रुपए देने पड़ते हैं, वहीं सामान्य बस में बल्लभगढ़ से ओल्ड फरीदाबाद जाने में केवल करीब 10 रुपए का ही भुगतान करना पड़ता है।

क्या कहते हैं जीएम: डिपो के जीएम यशपाल यादव के अनुसार सरकार की ओर से तय किए गए स्लैब से किराया लिया जा रहा है। किराए में इस भारी अंतर को देखते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सरकार इस स्लैब में आवश्यक संशोधन कर यात्रियों की समस्या का समाधान करेगी।