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ऑटो में ही हो गई प्रसूति, एक नहीं तीन-तीन बच्चों ने लिया जन्म

9 वर्ष पहले
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गुडग़ांव. शनिवार को एक महिला ने सिविल अस्पताल के मुख्यद्वार पर ऑटो रिक्शा में ही तीन बच्चों को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार यह प्रीमेच्योर डिलीवरी थी इसलिए महिला अस्पताल के अंदर तक नहीं पहुंच सकी।

दुखद यह है कि इनमें से केवल एक ही नवजात जिंदा बचा है, जिसे सिविल अस्पताल के सिक नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट में रखा गया है।


गर्भवती पुनीता दर्द होने पर जांच के लिए अस्पताल आई थी। रास्ते में ही उसके पेट में तेज दर्द शुरू हो गया और जैसे ही ऑटो अस्पताल के मुख्यद्वार पर पहुंचा, डिलीवरी हो गई। उसने तीन बच्चों को जन्म दिया।

आनन-फानन में जच्चा-बच्चा को सिविल अस्पताल के लेबर रूम ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों बच्चों में से दो को मृत घोषित कर दिया और एक बच्ची को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया।

बच्ची का वजन मात्र 800 ग्राम है। डॉ. परबिंदर की मानें तो तीनों बच्चों में से दो मृत ही पैदा हुए थे और उनकी मौत एक दिन पहले गर्भ में ही हो चुकी थी।

डॉक्टर के अनुसार, चूंकि प्रीमेच्योर डिलवरी है इसलिए तीसरे बच्चे की स्थिति भी नाजुक बनी है। जानकारी के मुताबिक तीन बच्चों को जन्म देने वाली पुनीता मूलरूप से बहरोड़ की रहने वाली है, जो अपने पति यादराम के साथ गांधीनगर में ननद के ससुराल आई हुई थी।