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किसानों और सरकार के बीच चल रहे गतिरोध के खत्म होने के आसार

9 वर्ष पहले
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रोहतक. गन्ने के दामों को लेकर किसानों और सरकार के बीच चल रहा गतिरोध समाप्त हो सकता है। मुख्यमंत्री दिल्ली में 13 जनवरी को किसानों से बातचीत करेंगे। महम के विधायक आनंद सिंह दांगी ने चीनी मिल के बाहर धरने पर बैठे किसानों को इसका संदेश दिया।


किसानों ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार गन्ने के दाम 354 रुपए प्रति क्विंटल की मांग करते हुए पांच जनवरी से मिलों में गन्ने की आपूर्ति रोक रखी है। इससे मिलों को प्रतिदिन लाखों का घाटा हो रहा है। पहले भी सरकार की ओर से गन्ने की कीमत 8 से दस रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने के संकेत मिल चुके हैं।

विधायक ने बताया कि महम और रोहतक दोनों चीनी मिलों के बाहर धरने पर बैठे किसानों को दिल्ली में होने वाली बैठक की सूचना दी गई है। गन्ना आपूर्ति रोकने से पहले रोहतक चीनी मिल 37 दिन चला और इस दौरान करीब 11 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई हुई।

भारतीय किसान यूनियन रोहतक के प्रधान जयबीर सिंह ने बताया कि विधायक के आश्वासन से किसान खुश हैं, लेकिन 354 रुपए प्रति क्विंटल पर समझौता नहीं करेंगे। बातचीत के लिए पूरी रूपरेखा तैयार की जा रही है।

महम में किसानों के समर्थन में आए मिल निदेशक
महम चीनी मिल गेट पर धरना दे रहे किसानों के हक में आज महम चीनी मिल के सभी निदेशक समर्थन में आ डटे। उन्होंने किसानों की मांग को जायज करार देते हुए शुक्रवार को होने वाली बोर्ड की बैठक को भी रद्द कर दिया।

निदेशक नरेश ढांडा ने बताया कि स्क्रेप की बोली सहित अन्य कई टैंडर व कर्मचारियों के प्रस्ताव को लेकर बोर्ड की बैठक होनी थी, लेकिन उसे किसानों के हक में रद्द कर दिया गया। निदेशक बिजेंद्र भराण, शमशेर खरक, ईश्वर, राममेहर रापडिया, सुरजमल, रामकुवार, आनंद, संतोष, नरेश भी बैठक में न जाकर बाहर आ गए।

बीते सात दिनों से गन्ने का दाम बढ़वाने को लेकर मिल गेट पर बैठे किसान किसी भी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। किसानों ने कहा कि जब तक उन्हें गन्ने का वाजिब दाम नहीं मिलता, तब तक वे मिल में अपना गन्ना नहीं देंगे।

अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा की रोहतक इकाई के अध्यक्ष प्रीत सिंह ने बताया कि सरकार की तरफ से 13 जनवरी को हरियाणा भवन दिल्ली में मुख्यमंत्री के साथ किसानों की बैठक होने का प्रस्ताव किसान नेताओं के पास आया है। यदि मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में बात सिरे नहीं चढ़ती है, तो 14 को कुरुक्षेत्र में किसानों की रैली की जाएगी।