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ग्रांट न सही, हौसला तो है

9 वर्ष पहले
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पानीपत. शहर की पॉश कालोनी सुखदेव नगर को नौ साल से नगर सुधार मंडल ने किसी तरह की कोई ग्रांट नहीं दी। लेकिन सुखदेव नगर रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन ने सड़कों की मरम्मत, सफाई, पानी की निकासी, पार्क को हरा भरा बनाने व सुरक्षा के सारे इंतजाम खुद कर डाले। एसोसिएशन ने कॉलोनी के हर घर से 2000 रुपए इकट्ठे करके तीन लाख रुपए से 12 सड़कों की मरम्मत करवा दी और 24 स्ट्रीट लाइटें लगा कर कॉलोनी को जगमगा दिया। सुखदेव नगर एसोसिएशन ने अपनी सूझबूझ से निकासी का हल निकाल लिया। सड़कों के किनारों पर करीब 2000 फुट की चार व नौ इंच की पाइप डलवाई और पी ट्रैप लगवाकर इसका कनेक्शन सीवर में कर दिया। इसमें कूड़ा न जाए, इसके लिए जाली लगवाई गई और समय-समय पर पाइप की सफाई भी करवाई जाती है। एसोसिएशन के चेयरमैन प्रेम बजाज ने बताया कि सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट व पार्क के रख रखाव की ग्रांट के लिए नगर सुधार मंडल से लेकर नगर निगम के अधिकारियों से यहां के निवासी कई बार मिले, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इससे एसोसिएशन ने हिम्मत नहीं हारी और तय किया वे अपने दम पर ही कॉलोनी को ऐसा बनाएंगे कि न सिर्फ प्रशासन बल्कि अन्य शहरवासी उनसे सीख ले सकें। कॉलोनी के हर घर से स्वेच्छा से 200 रुपए प्रतिमाह लिए जाते हैं। इनको सड़क, सफाई व स्ट्रीट लाइट पर खर्च किया जाता है। अब उनको ग्रांट के लिए प्रशासन का मुंह नहीं ताकना पड़ता है। ऐसे काम करता है नगर सुधार मंडल प्रदेश सरकार ने नगर सुधार मंडल का गठन 1970 में किया। इसके एक चेयरमैन, छह गैर सरकारी सदस्यों को सरकार नामित करती है। एक टाउन प्लानर को मिलाकर बोर्ड गठन होता है। यही बोर्ड शहर के पिछड़े इलाकों का विकास, जमीन का अधिग्रहण करे नई कॉलोनी बसाना, इनमें स्ट्रीट लाइट व सीवर की व्यवस्था करना। सरकार मंडल को ग्रांट भेजती है। 2009 के बाद नगर सुधार के बोर्ड का गठन नहीं हो पाया है। इससे विकास कार्य रुके पड़े हैं। अब सब करते हैं तारीफ कॉलोनी की सुरक्षा के लिए हर घर से 1700 रुपए चंदा इकट्ठा करके तीन गेट लगवाए थे। तब कुछ लोगों ने विरोध किया था कि उनके आवागमन में दिक्कत आएगी। गेट लगने से वे बंदिश में रहेंगे। अब वही लोग उनकी तारीफ करते हैं। स्थानीय लोगों के सहयोग से तीन चौकीदारों को 15 हजार और एक सफाईकर्मी को वे पांच हजार रुपए का वेतन अपने पल्ले से देते हैं। सतनाम मिगलानी, प्रधान सुखदेव नगर रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन गली में खड़ी होती हैं गाड़ी 1980 में उसके पास कॉलोनी के कई उद्यमी आए और बोले की गेट लगवाने हैं इसलिए 1700 की पर्ची कटवा लो। सुनकर अजीब लगा। क्योंकि उन लोगों के पास पैसों की कमी नहीं थी। थोड़ी ही देर में पता चला कि गेट कॉलोनी में लगाए जाने हैं। जो लोग घरों में गाड़ी करके भी निश्चित नहीं रहते थे अब वे ही रात को भी गली में ही गाड़ी खड़ी करते हैं। डॉ. प्रवीन मल्होत्रा, सुखदेव नगर सहयोग से बढ़ेगी सुंदरता कॉलोनी के लोगों के टहलने के लिए पार्क है। इसमें एसोसिएशन ने चौकीदार व माली भी अपने खर्चे पर लगा रखा है। सफाई के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं है। इससे गंदगी बिखरी हुई है। अगर नगर निगम सफाईकर्मी की ड्यूटी व आर्थिक सहयोग कर दे तो पार्क की कायाकल्प हो सकती है। यहां बच्चों के लिए झूले व बैंच की व्यवस्था हो जाएगी। इसका काफी फायदा होगा। प्रो. एसआर गोयल, सुखदेव नगर

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