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नवरात्र आज से, फूल व रंगबिरंगी लाइटों से जगमगाए मंदिर, होगी मां की आराधना

7 वर्ष पहले
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फोटो- नवरात्र के अवसर पर खरीददारी करते लोग।
फरीदाबाद। गुरुवार से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इससे शहर के मंदिर दुल्हन की तरह सज गए हैं। नवरात्र की पूर्व संध्या पर बुधवार को शहर में रौनक रही। मंदिरों में पर्व को लेकर भव्य तैयारियां की गई हैं। मंदिरों की रंग-बिरंगी लाइटों व फूलों से सजावट की गई है। गुरुवार को पूजा अर्चना और घट स्थापना के साथ ही दुर्गोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। नौ दिन तक मंदिर भजन कीर्तन और मां के जयकारों से गुलजार रहेंगे।

पूजा के लिए शुभ समय
सेक्टर-21 स्थित वैष्णो देवी मंदिर के पंडित लक्ष्मी नारायण के अनुसार गुरुवार को कलश स्थापना का शुभ समय सुबह 06:19 से 07:47 तक शुभ, दोपहर 12:11 से 01:28 तक- लाभ, दोपहर 01:28 से 3:17 तक- अमृत, शाम 4:45 से 6:13 तक शुभ मुहूर्त रहेगा।
ये है घट स्थापना की विधि: मां शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्रि गुरुवार से शुरू हो रहा है। नवरात्रि के पहले दिन माता दुर्गा की प्रतिमा तथा घट की स्थापना की जाती है। इसके बाद नवरात्रि उत्सव प्रारंभ होता है। पवित्र स्थान की मिट्टी से वेदी बनाकर उसमें जौ, गेहूं बोएं। फिर उनके ऊपर अपनी शक्ति के अनुसार बनवाए गए सोने, तांबे अथवा मिट्टी के कलश को विधिपूर्वक स्थापित करें। कलश के ऊपर सोना, चांदी, तांबा, मिट्टी, पत्थर या चित्रमयी मूर्ति की प्रतिष्ठा करें। मूर्ति न हो तो कलश पर स्वस्तिक बनाकर दुर्गाजी का चित्र पुस्तक व शालिग्राम को विराजित कर भगवान विष्णु का पूजन करें। नवरात्रि व्रत के आरंभ में स्वस्तिक वाचन-शांतिपाठ करके संकल्प करें और सर्वप्रथम भगवान श्रीगणेश की पूजा कर मातृका, लोकपाल, नवग्रह व वरुण का सविधि पूजन करें। फिर मुख्य मूर्ति का षोडशोपचार पूजन करें।
दुर्गादेवी की आराधना-अनुष्ठान में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का पूजन व मार्कण्डेयपुराणान्तर्गत निहित श्री दुर्गासप्तशती का पाठ नौ दिन तक प्रतिदिन करना चाहिए।
पर्व की तैयारी जोरों पर: शहर के प्रमुख मंदिरों में तिकोना पार्क स्थित श्री वैष्णो देवी, श्री महाकाली मंदिर, सैनिक कॉलोनी स्थित शिव मंदिर, जवाहर कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में दुर्गा महोत्सव को लेकर भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। मां वैष्णो देवी मंदिर को रंगबिरंगी लाइटों से सजाया जा रहा है। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा का श्रृंगार किया जाएगा। उन्हें छतरी व मुकुट पहनाया जाएगा। मंदिर का दरबार 24 घंटे खुला रहेगा। फूलों वाली मंडली मंदिर में जगराते का आयोजन करेगी। इसके अलावा सुबह-शाम भजन-कीर्तन जारी रहेगा। श्राद्ध की वजह से लोगों ने खरीदारी बंद कर दी थी। लेकिन श्राद्ध खत्म होने के बाद बुधवार को श्रद्धालुओं ने दुर्गा महोत्सव को लेकर जमकर खरीदारी की। नारियल, चुनरी, फल व फूल सहित पूजा की अन्य सामग्री से बाजार सज गए हैं।
नवरात्र की मान्यता
शास्त्रों में शक्ति का स्वरूप प्रकृति को भी कहा जाता है। इस माह में मौसम में फेरबदल होता है। इसलिए लोग प्रकृति की पूजा करते हैं। प्रार्थना करते हैं कि प्रकृति की कृपा बनी रहे। शक्ति प्राप्त करने के लिए भी शक्ति की पूजा की जाती है। भगवान राम ने भी मां शक्ति की पूजा करके उनसे शक्ति व विश्वास का वरदान मांगा था। तब से ही नवरात्र महोत्सव शुरू हो गया। इसके बाद धीरे-धीरे इसके साथ और भी मान्यताएं जुड़ती चली गईं।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
नवरात्र का पर्व शुरू होते ही मिलावट खोर भी सक्रिय हो जाते हैं। अक्सर व्रतधारी मिलावटी व्रत के खाद्य पदार्थ खाने से बीमार पड़ जाते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग जिले में अभियान चलाएगा। दुकानों से कु़ट्टू के आटे व व्रत के अन्य खाद्य पदार्थों का सैंपल लिए जाएंगे। हेल्थ विभाग के अनुसार लोग खाद्य पदार्थ खरीदने के बाद उसका बिल लेना न भूलें।
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