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सियासत: बुरे फंसे सुखबीर कटारिया

अपने ही हाथ से बनाए थे फर्जी दस्तावेज, अगली सुनवाई 20 मार्च को।

Dainik Bhaskar

Feb 11, 2012, 12:08 AM IST
Politics: Sukhbir Kataria trapped
Sukbhirगुड़गांव . हरियाणा सरकार में मंत्री सुखबीर कटारिया ने मतदाता सूची में अपने लोगों के नाम दर्ज कराने के लिए खुद ही फर्जीवाड़ा किया था। अदालत ने सुनवाई के दौरान यह पाया कि स्वयं सुखबीर कटारिया ने ही अपने हाथ से फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए संबंधित दस्तावेज बनाए और मतदाता आवेदन का फार्म भरा था। अदालती कार्रवाई के बाद प्रदेश सरकार के खिलाफ हरियाणा में राजनीतिक तापमान भी गर्म हो गया है। निर्दलीय विधायक और मंत्री के समर्थन से चल रही प्रदेश सरकार दबाव में है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी में जुट गए हैं। मतदाता जागरूक मंच के ओपी कटारिया ने लोक जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत चार माह पहले अदालत में याचिका डाली थी। याचिका की सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रदेश सरकार में मंत्री सुखबीर कटारिया और उनके परिवार के सदस्यों समेत 17 लोगों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने एवं जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के अंतर्गत प्रथम दृष्टया आरोपी मानते हुए सम्मन किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी।उससे पहले सभी आरोपियों को अदालत से जमानत लेनी पड़ेगी। शुक्रवार को याचिकाकर्ता को मिली पांच पृष्ठ की आदेश की प्रतिलिपि के अनुसार अक्टूबर 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में आरोपी ने फर्जी राशन कार्ड, पहचान पत्र एवं अन्य दस्तावेज की मदद से सरकार और जिला प्रशासन द्वारा बनाए जाने वाले मतदाता सूची और मतदाता पहचान पत्र में गड़बड़ी की। ओम प्रकाश कटारिया ने अदालत को बताया कि इस गड़बड़ी के कारण सुखबीर कटारिया विधायक बन सरकार के अंग बने हुए हैं। प्रतिमाह जनता के प्रतिनिधि और सरकार में मंत्री होने के कारण पांच लाख रुपए का मासिक लाभ उठा रहे हैं। चार माह से अदालत में चल रहे इस मामले में अदालत ने प्रस्तुत किए साक्ष्य में पाया कि सुखबीर कटारिया और जिन 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है उन सभी के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने व फोटो युक्त पहचान बनाने के लिए आवेदन पत्र और संबंधित दस्तावेज मंत्री सुखबीर कटारिया ने स्वयं अपने हाथ से भरे। इस बात का सत्यापन अंगूठा और लिखाई विशेषज्ञ की अदालत में प्रस्तुत रिपोर्ट भी करती है। अदालत ने प्रथम दृष्टया सुखबीर को आरोपी पाया है। भाजपा-इनेलो ने की बर्खास्तगी की मांग गुड़गांव. भाजपा के विधान सभा प्रत्याशी रहे उमेश अग्रवाल ने प्रदेश सरकार में मंत्री और गुड़गांव के विधायक सुखबीर कटारिया से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि कटारिया खुद इस्तीफा न दें तो मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे उन्हें तत्काल अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें।अगर ऐसा न हुआ तो सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। अपने कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब उमेश अग्रवाल ने कहा कि मतदाता जागरूकता मंच गुड़गांव बनाम देवेंद्र राणा व अन्य की याचिका पर माननीय न्यायालय ने हरियाणा सरकार के मंत्री सुखबीर कटारिया को प्रथम दृष्टया आरोपी मानते हुए समन जारी किया है। यह इस बात का भी प्रतीक है कि मंत्री ने विधान सभा चुनाव में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया। इसमें उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिवार के लोगों का भी इस्तेमाल किया। न्यायालय द्वारा समन करने के बाद कटारिया को अब स्वयं ही इस्तीफा दे देना चाहिए। पत्रकार वार्ता में पार्षद योगेंद्र सारवान, राम सिंह गुप्ता, जयदेव शर्मा, बाली पंड़ित एवं संजय शर्मा मौजूद रहे। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कृष्णपाल गुर्जर ने दैनिक भास्कर से कहा कि सुखबीर कटारिया को अदालत ने प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए समन जारी किए हैं। उन्हें मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए। उधर, इंडियन नेशनल लोकदल के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष गोपीचंद गहलोत ने भी प्रदेश सरकार से कटारिया को बर्खास्त करने की मांग की है।
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