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तैरना नहीं आता, फिर भी बच्चे को बचाने कूदे दो युवक

6 वर्ष पहले
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बापौली। रिशपुर गांव में शनिवार को दो युवकों ने अद्‌भुत जज्बा दिखाया। तैरना नहीं जानता था, लेकिन तालाब में डूब रहे 4 साल के बच्चे को बचाने के लिए 10वीं कक्षा के छात्र ने छलांग लगा दी। बच्चे को तो बचा लिया, लेकिन खुद डूबने लगा। उसे बचाने दूसरा युवक तालाब में कूद पड़ा, लेकिन ये क्या! वह भी डूबने लगा, क्योंकि तैरना नहीं जानता था। दोनों को डूबते देख तीसरे युवक ने तालाब में छलांग लगाई। दोनों को लेकर बाहर निकला। तब तक आसपास के लोग जमा हो गए। बच्चों के बीच यह प्रेम देखकर बड़े भी गदगद हो गए।

शनिवार दोपहर 12:00 बजे, गांव में तालाब किनारे फिरनी पर कुछ बच्चे खेल रहे थे। तालाब किनारे करीब डेढ़ फीट ऊंची दीवार से चार वर्षीय कार्तिक पुत्र रिकास तालाब में गिर गया। उसे डूबता देख 10वीं में पढ़ने वाला मोहम्मद आबिद तालाब में कूद पड़ा। कार्तिक को तो ऊपर फेंक दिया, लेकिन खुद डूबने लगा। उसे डूबता देख गांव के युवक अंकित ने छलांग लगा दी, लेकिन दोनों डूबने लगे क्योंकि अंकित को भी तैरना नहीं आता था। यह देख मजदूरी करने वाले रवीन्द्र तालाब में कूद पड़ा और दोनों को बाहर निकाला।
बच्चों को ग्रामीणों ने दी शाबाशी
ऐसा साहस बहुत कम ही देखने को मिलता है कि तैराना नहीं आता, लेकिन तालाब में छलांग लगा दी। अपनी जान की परवाह नहीं की। न आबिद ने और न ही अंकित ने। अलग-अलग जाति से होने के बाद भी बच्चों के बीच कोई भेदभाव नहीं। पूरे गांव में घटना का शोर मच गया। फिरनी पर पूरा गांव इकट्‌ठा हो गया। सब एक दूसरे के बच्चे को शाबाशी देने लगे। कार्तिक के पिता रिकास ने कहा कि उनके मुंह से शब्द नहीं निकल रहा है, क्या कहें। दोनों आबिद और अंकित भी उनके ही बच्चे हैं। आज सचमुच में हमारे गांव की इज्जत बच गई। ऐन वक्त पर रवीन्द्र नहीं कूदा होता तो क्या होता, यह सोचकर ही लोग सिहर उठते हैं।
ग्रामीण बोले- ऊंची करेंगे दीवार
ग्रामीणों ने फैसला किया है कि तालाब से लगती दीवार ऊंची की जाएगी। खासकर उस भाग की दीवार जरूर ऊंची की जाएगी, जहां पर बच्चे खेलते हैं और लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ताकि फिर ऐसा हादसा न हो। इसके लिए पंचायत फंड से संभव हुआ तो ठीक, नहीं तो विधायक से बात करेंगे।