रतिया (फतेहाबाद)। रामनगर कॉलोनी में पेंटा वेलेंट वैक्सीन का टीका लगने से दो माह के एक नवजात की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य बच्चों व एक महिला की हालत बिगड़ गई है। इनमें से तीन बच्चों की हालत गंभीर है। उन्हें फतेहाबाद रेफर किया गया, जहां से परिजन उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पतालों में ले गए। पीड़ित महिला और अन्य तीन बच्चों का भी निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
एसडीएम आमना तसनीम, एसएमओ डॉ. वीके जैन, एसएचओ जुगल किशोर और चौकी प्रभारी अनूप कुमार ने मौके पर पहुंचकर दवाओं को सील कर जांच के लिए भेज दिया है। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इंजेक्शन लगाने वाली एएनएम रजनी व सहायक के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज कर लिया है। मृतक नवजात परमीत के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि उन्होंने शनिवार को आंगनवाड़ी में अपने दो माह के बच्चे को टीका लगवाया था। रविवार सुबह अचानक हालत बिगड़ गई और बच्चे की मौत हो गई।
पांच बीमारियों से बचाव
बच्चों को पहले डीपीटी का टीका लगाया जाता था, जो डिप्थीरिया, परट्यूसिस व टिटेनस से बचाव के लिए होता था। पेंटा का टीका पांच बीमारियों हेपेटाइटिस-बी, एच-इन्फ्लूएंजा, डिप्थीरिया, परट्यूसिस व टिटनेस से बचाव करता है। इस तरह से पांच वैक्सीन का काम अब एक ही वैक्सीन करता है। पेंटा वेलेंट नाम के इस जीवन रक्षक वैक्सीन का टीका नवजात शिशुओं को तीन बार ही लगाया जाता है। पहला इंजेक्शन 6 सप्ताह की उम्र में, दूसरा 10 सप्ताह में और तीसरा इंजेक्शन 14 सप्ताह की आयु में लगता है।