(रिफाइनरी के मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन करते श्रमिक।)
रिफाइनरी। रिफाइनरी में काम करने वाले मजदूरों ने शोषण का आरोप लगाकर रिफाइनरी प्रशासन व ठेकेदारों के खिलाफ प्रदर्शन किया। डीएसपी पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे और उन्होंने श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वो अपनी मांग पर अडिग रहे। मजदूरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
शनिवार सुबह रिफाइनरी कॉन्ट्रेक्टर श्रमिक संगठन के बैनर तले 12 हजार मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि उन्हें उचित मेहनताना नहीं मिल रहा है और न ही काम की समय सीमा तय है।
नहीं देते ओवरटाइम
भारतीय मजदूर संघ के प्रधान राजकुमार, श्रमिक राजेंद्र, रविंद्र, कृष्ण, विकास, शमशेर सिंह, मनवीर, आजाद, वीर सिंह, हेमलता, प्रकाशो देवी, रेखा, बीरो रानी का कहना है कि ठेकेदार मजदूरों का शोषण कर रहे हैं। आईओसीएल कंपनी की ओर से मजदूरों को 256 रुपए प्रतिदिन दिया जाता है, लेकिन ठेकेदार पुरुष मजदूरों को 210 रुपए, जबकि महिलाओं को 180 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से देता है। इसके अलावा जो मजदूर ओवरटाइम करते हैं, उन्हें सिंगल पेमेंट दी जाती है।
पार्किंग में भी भेदभाव
श्रमिकों का कहना है कि मजदूरों के साथ पाॅर्किंग में भी भेदभाव किया जा रहा है। कंपनी अधिकारियों से पाॅर्किंग का कोई भी पैसा नहीं लिया जाता, जबकि मजदूरों से इसका चार्ज लिया जाता है। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही डीएसपी जोगिंद्र राठी वहां पहुंचे। मजदूरों ने उनको कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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