पानीपत | अगले कुछ दिनों में प्रदेश में बिजली महंगी हो सकती है। इसके दो कारण हैं। पहला, बिजली पर 17 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज एफएसए बढ़ा दिया है। उपभोक्ता को नवंबर के बिल में नई दर से भुगतान करना होगा। दूसरा, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने घाटे की दुहाई देते हुए दामों में 15 प्रतिशत वृद्धि की मांग की है। निगम ने 5809 करोड़ के घाटे का हवाला दिया है। प्रदेश में करीब 60 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 45 लाख उपभोक्ता घरेलू बिजली के हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बिजली के काम में आने वाले इंधन के महंगे होने की वजह से बिजली वितरण कपंनियों ने दाम बढ़ा दिए हैं। हालांकि, बिजली की दरें बढ़ाने का काम हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (एचईआरसी) का है, लेकिन वितरण कंपनियां हर तीन माह में बिजली की दरें घटा और बढ़ा सकती हैं। एक एजेंसी के मुताबिक डीएचवीबीएन को निरंतर घाटा हो रहा है। निगम के अनुसार बिजली वितरण कंपनियों के दाम बढ़ाए जाने से वित्तीय वर्ष 2013-2014 में 2852.71 करोड़, 2015 में 1302.77, 2016 में 1653.99 करोड़ का घाटा उठाना पड़ सकता है।
> नवंबर के बिल पर भार
> कंपनियां चाहती हैं 16 फीसदी वृद्धि