• Hindi News
  • 354 Did Not Meet Demand, But The Price Of Sugarcane At Rs 276 A Quintal

354 की मांग तो नहीं हुई पूरी लेकिन अब गन्ने का दाम 276 रुपए क्विंटल

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

पानीपत. प्रदेश में गन्ने का समर्थन मूल्य 354 रुपए करने की मांग तो सीएम ने पूरी नहीं की, लेकिन पछेती से अगेती श्रेणी तक 31 रुपए का इजाफा करने की घोषणा जरूर कर दी। यह घोषणा रविवार को दिल्ली में प्रदेशभर से वार्ता के लिए बुलाए आंदोलित किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के समक्ष की गई।

पहले तो किसान इसे मानने को राजी नहीं हुए, लेकिन जब सीएम ने प्रदेश के मिलों के घाटे में चलने की बात कही तो ज्यादातर सहमत हो गए। यह बात किसान सहायता क्लब के प्रदेश अध्यक्ष आनंद जागलान ने वार्ता कर वापस लौटने के बाद भास्कर को बताई।

वहीं मांग को लेकर शूगर मिल के गेट और भीतर भारतीय किसान यूनियन और किसान सहायता क्लब के पदाधिकारियों का क्रमिक और आमरण अनशन नौवें दिन भी जारी रहा।


वार्ता में पहुंचे 15 किसान
किसान सहायता क्लब के प्रदेश अध्यक्ष आनंद जागलान ने बताया कि वार्ता के लिए पानीपत से किसान संगठनों के पांच प्रतिनिधि और दस किसान पहुंचे। उन्होंने बताया कि संगठन के बैनर तले 12 किसान नौ दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे।

वार्ता के दौरान सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि दूसरे राज्यों की तरह तो वे गन्ने का रेट नहीं दे सकते, क्योंकि प्रदेश के सभी मिल घाटे में चल रहे हैं। मिल अधिकारी घाटे की रिपोर्ट दे रहे हैं। लेकिन किसानों को सम्मानजनक रेट अवश्य दे देंगे। वार्ता के दौरान उन्होंने गन्ने के दामों में 31 रुपए तक की बढ़ोतरी करने की घोषणा कर दी।

उनकी बात सुन ज्यादातर किसानों ने सहमति जता दी। बढ़ोतरी के बाद अगेती फसल के दाम 276 रुपए, मध्यम फसल के 271 रु. और पछेती फसल के 266 रुपए प्रति क्विंटल मिलेंगे।


हवन आज, शुगर मिल को डेढ़ करोड़ का नुकसान
आनंद जागलान ने बताया कि आंदोलन के कारण अब तक पानीपत शुगर मिल को करीब डेढ़ करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। भाकियू के जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह आट्टा ने बताया कि सरकार की गन्ने के दामों में 26 रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा से ज्यादातर किसान सहमत हो गए हैं।

इसलिए मिले गेट पर नौ दिनों से चल रहा धरना समाप्त हो गया है। सोमवार को धरना स्थल पर अपनी जीत की खुशी में हवन का आयोजन करेंगे।