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सप्ताह में बढ़े डेंगू के मरीज, बच्चे को सिविल से रोहतक भेजा, निजी अस्पतालों में कई भर्ती

4 वर्ष पहले
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एकसप्ताह में से डेंगू मरीजों के केस लगातार बढ़े है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में डेंगू 15 संभावित मरीज हैं। जबकि निजी अस्पतालों में वायरल से प्रभावित लोगों की भीड़ है। निजी अस्पतालों में डेंगू संभावित रिपोर्ट पाने वाले मरीजों की संख्या आंकड़े से कई गुणा है। एक महीने से नगर निगम की तरफ से फॉगिंग नहीं हुई है। वहीं निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को पुख्ता रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। बिना तालमेल से सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। शनिवार को सिविल अस्पताल से भी डेंगू से ग्रस्त 4 साल के बच्चे को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। बच्ची की हालत काफी गंभीर है। इसके अलावा डेंगू वार्ड में 3 दिन से एक किशोर और दाखिल है। उसके प्लेटलेट्स काफी कम हैं और वह डेंगू पॉजिटिव है।

4 वर्षीय अब्दुल शयद पुत्र दिलशाद निवासी इमाम साहब को गुरुवार को बुखार के कारण सिविल अस्पताल लाया गया। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। दो दिन से उसका इलाज चल रहा था। मगर शनिवार को हालत गंभीर होने के कारण उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। दूसरी ओर नवीन पुत्र अरविंद कुमार निवासी वधावाराम कॉलोनी तीन दिन से डेंगू वार्ड में एडमिट है। वह भी पॉजिटिव पाया गया है। सिविल अस्पताल में अब तक चार केस डेंगू के चुके हैं।

‘दो लैबों में जांच कराएं मरीज’

^15दिन पहले जिले के सभी फिजिशियन की एक मीटिंग ली थी। मीटिंग में सभी को निर्देश दिए थे कि डेंगू के संदिग्ध मरीज की दो लैब से जांच कराएं। मरीजों को सही जांच रिपोर्ट दें। स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल बनाकर काम करने के लिए कहा गया है। निजी अस्पतालों को डेंगू का भय नहीं फैलना चाहिए।\\\' -डॉ. श्यामलाल कालड़ा, प्रधान आईएमए जिला प्रधान

^जिले में डेंगू के 15 संदिग्ध केस सामने आए हैं। इनकी भी रिपोर्ट की जांच कराई जाएगी। कुछ निजी अस्पताल रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। इनकी एमसीआई को शिकायत दी गई है। उनके पास निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों काे एंटीबायोटिक दवा देने की भी शिकायत रही है। डेंगू के नाम भी लोगों को डराकर अपनी जेब भरने वाले डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करेगा।\\\' -डॉ.शशि गर्ग, डिप्टी सिविल सर्जन डेंगू, मलेरिया विंग इंचार्ज

शहर में फॉगिंग की जिम्मेदारी नगर निगम की है। मई-जून में वार्ड अनुसार फॉगिंग की गई। अब डेंगू प्रभाव डाल रहा है लेकिन कहीं फॉगिंग नहीं की गई है। पिछले दिनों निफा द्वारा कई जगह फोगिंग करवाई गई।

निजी अस्पतालों पर एंटीबायोटिक देकर मरीजों की प्लेटलेट्स कम करने का आरोप

डिप्टीसिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग के पास एक व्यक्ति ने एक निजी अस्पताल के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायतकर्ता का आरोप है वह बुखार होने के बाद निजी अस्पताल में गया था। वह उसको एंटीबॉयोटिक दवा दी गई। इससे प्लेटलेट्स कम हो गई। उसकी हालत अधिक गंभीर हो गई। उसने इस बारे में दूसरे डॉक्टर को बताया। निजी अस्पताल डेंगू के कई केस पॉजिटिव घोषित कर चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को अपनी रिपोर्ट सिविल में सबमिट कराने के निर्देश दिए थे। ताकि दोबारा जांच हो सके। मगर निजी अस्पतालों ने स्वास्थ्य विभाग को मरीजों की रिपोर्ट नहीं दी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने की शिकायत एमसीआई(मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) को की है।

निजी अस्पतालों में अबतक चुके हैं डेंगू संभावित 50 मामले

मॉडलटाउन स्थित निजी अस्पताल, असंध रोड स्थित दो अस्पतालों, सनौली रोड स्थित तीन अस्पतालों सिवाह गांव के पास स्थित एक निजी अस्पताल में डेंगू के लगभग 50 संदिग्ध मामले सामने चुके हैं। यहां पर बुखार से पीड़ित मरीजों की भीड़ लगी हुई है। स्वास्थ्य विभाग इससे सीजनल बुखार मान रहा है। निजी अस्पताल डेंगू संभावित की रिपोर्ट देकर दाखिल कर रहे हैं। वार्ड 3 के पार्षद हरीश शर्मा मॉडल स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल है। व्यापारी अजय सिंगला का भी डेंगू के कारण घर पर ही इलाज चल रहा है।

पानीपत. अस्पतालमें र्भती डेंगू का मरीज साथ में बैठी उसकी मां।

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