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पानीपत में कम्बल, सूट और टी-शर्ट पर फोटो भी छपेंगे

4 वर्ष पहले
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सेक्टर25 में शनिवार को इगमा की ओर से आधुनिक टेक्नोलॉजी की मशीनों की प्रदर्शनी शुरू की गई। इसका शुभारंभ डायमंड एक्सपोर्ट के मालिक रमेश वर्मा, अानंद इंटरनेशनल से सुरेश गर्ग, शिवालिक रग्स से सतविंदर लिखा, शाम एक्सपोर्ट से अभिनव गर्ग, सुखवीर सिंह मलिक और हरचरण सिंह धम्मु ने किया। टेक्सटाइल हब के तौर पर प्रसिद्ध पानीपत में अब विदेशी टेक्नोलॉजी से प्रिंटेड कपड़े तैयार होंगे। विशेष आर्डर पर कंबल, चादर, टी शर्ट पर लोग खुद की फोटो तक छपवा सकेंगे। शनिवार को सेक्टर 25 में ऐसी ही आधुनिक देसी विदेशी मशीनों की प्रदर्शनी लगाई गई है। तीन दिवसीय प्रदर्शनी में विदेशी कारोबारी और कंपनियों ने भी अपनी मशीनें प्रदर्शनी में सजाई हैं। विदेशी मशीनों को टक्कर देने के लिए यहां भी नई तकनीक आधारित मशीनें बनने लगी हैं।

उद्योगपति चाइना और अन्य देशों से बनी मशीनें अपनी फैक्ट्रियों में लगा रहे हैं और इससे चाइना जैसे देशों की तरह फैंसी आइटम बनाकर मार्केट में खुद को दोबारा स्टैंड कर रहे हैं। प्रदर्शनी का शुभारंभ हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्युफेक्चर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा उद्यमी सुरेश गर्ग ने किया। उद्योगपतियों का कहना है समय के साथ चलना जरूरी है और जब दूसरे देश हमारे जैसे टेक्सटाइल के आइटम को नया रूप देकर बाजार में प्रतियोगिता दे सकते हैं तो हम भी उन्हीं की मशीनों का प्रयोग करके उन्हीं को टक्कर देंगे।

रोजगार के विकल्प

हाईटेकहोती इंडस्ट्री में अब खुद के रोजगार के विकल्प भी खुल रहे हैं। छोटे कामों के लिए पांच लाख से लेकर 19 लाख तक की कई मशीनें गई हैं। जिन पर केवल कम्प्यूटर की जानकारी लेने की जरूरत है और छोटी इन्वेस्टमेंट पर खुद का रोजगार क्या जा सकता है और बड़ी कम्पनियों से भी जुड़ सकते हैं।

पुर्जेजा रहे विदेश

टेक्सटाइलमशीन मेन्यूफेक्चरर एसोसिएशन के प्रधान सुखबीर मलिक ने बताया अब तो हमारे शहर में बने मशीनों के पुर्जे बाहर जाते हैं और विदेशों में उनकी मशीनें बनती हैं। युवाओं के लिए टेक्सटाइल में खूब विकल्प खुले हैं, बस उन्हें थोड़ी जागरूकता से काम करने की जरूरत है।

हाईटेक हो रही इंडस्ट्री

पानीपतकी इंडस्ट्री अब हाईटेक हो गई है। पहले कपड़े पर डिजाइन के लिए दूसरे देशों में काम होता था। फिर सूरत जैसे शहरों में होने लगा। लेकिन पानीपत की इंडस्ट्री में ईएसआई मशीनें लग गई हैं, जिनकी मदद से कम्बल, शूट और टी शर्तों आदि पर छोटा भीम और डोरे-मोन आदि से लेकर खुद का फोटो तक प्रिंट कर सकते हैं। एक जापानी कंपनी के सेल्समैन मुकेश कुमार झा ने बताया उनकी कंपनी की नई प्रिंटिंग मशीन 24 घंटे काम कर सकती है। 41 गुणा 63 वर्ग मीटर कपड़ा प्रति घंटा की रफ्तार से प्रिंट करती है। एक व्यक्ति एक टाइम में पांच मशीन ऑपरेट कर सकता है।

पानीपत. सेक्टर-25में लगी प्रदर्शनी को देखते हुए।

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