नहीं मिला मजदूरों का रिकाॅर्ड, काटा मालिक का चालान
रिसालूरोड स्थित आनंद इंटरनेशनल के मिंक कंबल के प्लांट में लगी आग में जले मजदूर के मामले में जांच तेज हो गई है। लेबर विभाग ने फैक्ट्री पहुंच मजदूरों के रिकाॅर्ड की जांच की लेकिन फैक्ट्री मालिक सुरेश गर्ग ने जांच में सहयोग नहीं किया और रिकार्ड इधर-उधर कर दिया।
पूरा रिकाॅर्ड दिखाने और रिकार्ड में मजदूरों के नाम शामिल होने के चलते डिप्टी लेबर कमिश्नर डीपी सिरोही ने फैक्ट्री संचालक का चालान काटा है, जिस पर आगामी कार्रवाई कोर्ट में होगी। सिरोही ने बताया कि हम अपनी टीम के साथ फैक्ट्री में जांच करने गए थे। जहां फैक्ट्री मालिक ने मजदूरों का रिकाॅर्ड पूरा नहीं दिखाया। इसलिए उसका चालान काट दिया है। हमारे असिस्टेंट लेबर कमिश्नर सोमवार को चालान कोर्ट में प्रस्तुत कर देंगे, जहां आगामी कार्रवाई होगी। फैक्ट्रियों में मजदूरों का रिकाॅर्ड रखना जरूरी होता है, इसी के आधार पर मजदूर को उसका जमा फंड और दुर्घटना में मौत होने पर 5 लाख के मुआवजे का प्रावधान है। वहीं मामले में शनिवार को फैक्ट्री के बाहर पुलिस तैनात रही। पुलिस की शनिवार को जांच आगे नहीं बढ़ पाई। अब रविवार को मामले की जांच दोनों पक्षों के साथ होगी।
आज करेगी पुलिस जांच
शुक्रवारको लगी आग के मामले में शनिवार को पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ी। एएसआई प्रेम सिंह ने बताया कि मृतक के परिजन अपने गांव गए हुए थे। फैक्ट्री मालिक से भी संपर्क का प्रयास किया था, लेकिन अब रविवार को दोनों पक्षों को बुलाकर जांच करेंगे। अभी एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं आई है।
मशीनों की जांच करेगा सेफ्टी एवं हेल्थ विभाग
^मैंनेघटना स्थल का जायजा लिया है। अभी प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट मिला है लेकिन अभी फैक्ट्री में गहनता से जांच नहीं की जा सकती। एक दो दिन बाद पूरी टीम के साथ जांच करेंगे। इसमें मशीनों की स्थिति जांची जाएगी, पता लगाएंगे कि मशीनों में कोई दिक्कत पहले से तो नहीं थी।\\\' -सुनीलखुराना, डिप्टी डायरेक्टर, सेफ्टी एंड हेल्थ विभाग
जबरदस्ती आग में भेजने का आरोप : मृतकरामप्रकाश की प|ी मीना ने पुलिस शिकायत में बताया है कि सभी मजदूर निकल गए थे लेकिन फैक्ट्री मालिक और मैनेजर ने मेरे पति को जानबूझ कर आग बुझाने के लिए अंदर रखा।
फंड हड़पने के लिए नहीं रखते रिकॉर्ड : सिरोही
सिरोहीने बताया कि सामाजिक श्रमिक सुरक्षा योजना के तहत फैक्ट्री में दुर्घटना में मौत पर 5 लाख रुपए और घायल को उसके घायल होने की प्रतिशतता के आधार पर सरकार मुआवजा देती है। फैक्टरी मालिकों भी मुआवजा देना होगा जोकि कर्मचारी की उम्र और उसकी सेलरी के हिसाब से देना होता है। इसके अलावा ईपीएफ बीमा आदि से भी राशि उपलब्ध होती है। दुर्घटना किसी की गलती से भी हुई हो फैक्टरी एक्ट के तहत जुर्माना फैक्ट्री मालिक को ही भुगतना होगा।