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पहले शिक्षक बताएंगे छात्र कितने होशियार, फिर टेस्ट में खुलेगी पोल

5 वर्ष पहले
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स्कूलों में क्विज क्लब बना तैयार करेंगे नेशनल स्पर्धी

भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा

सरकारीस्कूलों के बच्चे भी अब क्विज में भाग लेते नजर आएंगे। कोशिश है कि यह बच्चे नेशनल लेवल के क्विज कंपीटिशन में भाग ले। इसके लिए स्कूल स्तर पर तैयारी के लिए क्विज क्लब बनाए जाएंगे। क्लब की जिम्मेदारी एक टीचर को दी जाएगी। यह टीचर प्रोफेशनल तरीके से बच्चों को तैयार करेगा, इसके लिए पहले टीचर को कंसल्टेंट ट्रेंड करेंगे। शिक्षा विभाग की कोशिश यह है कि सरकारी स्कूल का बच्चा हर तरह से पब्लिक स्कूल के बच्चे के बराबर नजर आए। इसको ध्यान में रखकर यह प्रोजेक्ट स्कूलों में शुरू किया जा रहा है।

क्विज क्लब पर काम अप्रैल से शुरू होगा। अभी हर स्कूल से एक टीचर का नाम मंगाया गया है, जिसकी रुचि इस कार्यक्रम को चलाने में है। ऐसे टीचर को विभिन्न चैनलों पर प्रसारित क्विज कंपीटिशन के लिए प्रतिभागी तैयार करने वाले कंसल्टेंट ट्रेंड करेंगे। एक सप्ताह में 5 से 6 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। तब ये मास्टर खंड स्तर पर अध्यापकों को प्रशिक्षित करेंगे। हर स्कूल का एक प्रश्न बैंक होगा, जिससे अध्यापक वर्कशाॅप लगाकर तैयार करेगा। प्रश्न बैंक को शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर सर्कुलेट किया जाएगा।

स्कूल स्तर से होगी छात्राें के कंपीटिशन की शुरुआत

योजनायह है कि क्लब पहले तो स्कूल स्तर पर क्विज कंपीटिशन के प्रतिभागी तैयार करे। यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी को अगले चरण और फिर इसी तरह खंड और जिला स्तर के प्रतिभागी तैयार होंगे। जिला स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वालों को राज्यस्तर पर और यहां अच्छा प्रदर्शन करने वालों को नेशनल लेवल पर प्रदर्शन का मौका मिलेगा। क्लब में शामिल बच्चे का आई क्यू ही नहीं बल्कि उसका व्यक्तिगत विकास और टीम लीडरशिप में भी ट्रेंड किया जाएगा।

कक्षा पहली के स्टूडेंट को सामान्य प्रयोग वाली चीजों के नाम बताने के साथ उनके चित्र दिखाए जाएंगे। जैसे मैन, डॉग पेन समेत अन्य नाम बोलने के साथ उनके चित्र दिखाए जाएंगे। किसी कहानी के किरदार का चित्र, एक्टिविटी के जरिए किसी कहानी को सुनाने के साथ उनके किरदारों के नाम पते बताए जाएंगे। अंग्रेजी में पढ़ने वाले बच्चों का उसी भाषा में जवाब देना पड़ेगा। कक्षा दूसरी के स्टूडेंट को स्टोरी लाइन के आधार पर अपनी अभिव्यक्ति देना, पूछे सवाल का जवाब देना शामिल रहेगा। मैथ्स में कक्षा पहली के स्टूडेंट को एक से लेकर 20 तक के अंक जोड़ना अौर घटाना अाना चाहिए, लेकिन इसका इस्तेमाल रोजमर्रा में किस तरह करना है, यह भी पता होना चाहिए। संयुक्त विद्यालय संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं सर छोटू राम हेरिटेज स्कूल के निदेशक विजेंद्र मान का कहना है रट्टामार पढ़ाई से भी पीछा छुटेगा। उनका कहना है इससे छात्रों के शिक्षा स्तर में इजाफा होगा।

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